भयावह प्रदूषण की चपेट में हिंडन नदी, जलीय जीव हुए समाप्त; आक्सीजन का स्तर जीरो
Baghpat News : बागपत में हिंडन नदी की गंभीर प्रदूषण स्थिति सामने आई है, जहां एक शोध यात्रा में नदी में ऑक्सीजन का स्तर शून्य पाया गया, जिससे जलीय जीव- ...और पढ़ें

बरनावा में यात्रा में शामिल अपने सहयोगियों को नदी के बारे में जानकारी देते भारतीय नदी परिषद के संस्थापक रमनकांत त्यागी।
HighLights
शिवालिक की पहाड़ियों से 170 किलोमीटर दूर हिंडन नदी का बुरा हाल।
मुजफ्फरनगर से हिंडन नदी शोध यात्रा ने तीसरे दिन बागपत में किया प्रवेश।
जागरण संवाददाता, बड़ौत (बागपत)। शिवालिक की पहाड़ियों में हरनंदी नदी के उद्गम स्थल से 170 किलोमीटर दूर बागपत में हिंडन नदी की दशा बेहद खराब है। मृत प्राय: हो चुकी नदी में आक्सीजन समाप्त हो चुकी है, जिसके कारण जीव-जंतु खत्म हो गए हैं। यह सब कारखानों के रसायनयुक्त पानी, गांव-गांव गंदे पानी, कूड़ा कचरे आदि से हो रहा है।
भारतीय नदी परिषद के संस्थापक रमनकांत त्यागी और उनकी टीम ने शिवालिक की पहाड़ियों में हिंडन नदी के उद्गम स्थल से बागपत तक शोध यात्रा के दौरान यह सब देखा है। तीसरे दिन मंगलवार को यात्रा बागपत जनपद में प्रवेश कर नदी किनारे होते हुए बरनावा के डेरा सच्चा सौदा आश्रम के सामने पहुंची तो यहां पर नदी सभा, श्रमदान आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
सबसे पहले लोक विज्ञान संस्थान, देहरादून के विज्ञानी प्रियांशु गुप्ता व उनके सहयोगी प्रेम नारायण ने नदी के पानी के कुछ नमूने लिए, जिनमें से कई घुलित आक्सीजन शून्य मिली, जबकि यह पांच मिलीग्राम प्रति लीटर से ज्यादा होनी चाहिए। प्रियांशु ने बताया कि नदी के उद्गम स्थल पर आक्सीजन आठ मिलीग्राम प्रति लीटर है।
शून्य की स्थिति में नदी में जलीय जीव जंतु नहीं रह सकते हैं। पीएच 5.29 और टीडीएस 607 मिला। जबकि अन्य नमूनों की जांच लैब में की जाएगी। प्रियांशु ने बताया कि वह भी शोध यात्रा के दौरान जगह-जगह से पानी की गुणवत्ता की जांच और लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
खबरें और भी
इसके बाद नमामि गंगे बागपत के जिला परियोजना अधिकारी दीपक शर्मा के नेतृत्व में श्रमिकों ने श्रमदान करते हुए नदी तक पहुंचने के लिए पेड़ियां बनाईं। नदी किनारे घास आदि फावड़े से सफाई की। दीपक शर्मा ने बताया कि जल्द ही कृष्णी नदी की सफाई आदि का अभियान भी चलाया जाएगा।
कार्यक्रम में संस्कृत महाविद्यालय लाक्षागृह बरनावा के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार शास्त्री के साथ विद्यार्थी भी पहुंचे, जिन्हें नदी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने मंत्रोच्चार कर अतिथियों का स्वागत किया। डीएम अस्मिता लाल, एसपी सूरज कुमार राय ने नदी किनारे पौधारोपण करते हुए लोगों से ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने की अपील की। नदी किनारे आयोजित कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों ने नदी की दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए आमजन से अपील की कि नदी को बचाने में सभी अपना योगदान दें।
इस दौरान अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के प्रधान अध्यक्ष मनु चौधरी, भारतीय नदी परिषद के जिला संयोजक राजीव त्यागी, अमित राय जैन, शरद यादव, राजीव त्यागी, नितिन, दिनेश पोसवाल, सचिन, नरेंद्र आदि मौजूद रहे।
यहां से यात्रा मेरठ के किनौनी और रसूलपुर पहुंची। शाम के समय शोध यात्रा दोबारा बागपत में हिंडन नदी किनारे पुरा महादेव गांव में पहुंची और पुरा मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन के बाद चंद कदम दूरी पर शोध यात्रा परशुराम मंदिर में पहुंची। यहां पर नदी सभा का आयोजन हुआ, जिसमें सभी को हिंडन नदी की दशा की जानकारी देते हुए बचाने की अपील की गई। इसके बाद यात्रा बालैनी के लवकुश आश्रम पहुंची और रात्रि विश्राम किया۔
पौधारोपण कर जागरूकता रैली निकाली
बुढ़ाना : बागपत में प्रवेश से पूर्व मंगलवार सुबह उकावली गांव में पौधारोपण किया गया। भारतीय नदी परिषद द्वारा चलाई जा रही इस पांच दिवसीय यात्रा में ग्रामीणों, युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पौधारोपण के माध्यम से नदी तटों को हरा-भरा बनाने और प्रदूषण से बचाव का संदेश दिया गया। इसके बाद यात्रा दल गांव नगवा पहुंचा, जहां ग्रामीणों के साथ मिलकर जागरूकता यात्रा निकाली गई।
रमनकांत त्यागी के नेतृत्व में टीम ने ग्रामीणों को हिंडन नदी के गंभीर प्रदूषण, अनुपचारित सीवेज, औद्योगिक कचरे और प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। नदी संरक्षण, कचरा प्रबंधन, नालों में कचरा न फेंकने और प्राकृतिक उपचार विधियों पर विस्तृत चर्चा हुई। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं साझा कीं और नदी बचाने के अभियान में सक्रिय सहयोग का वादा किया। कार्यक्रम में सुभाष, चन्दमुनि, अरुण, बालिस्टर त्यागी, मुकेश शर्मा, नितिन स्वामी समेत क्षेत्र के प्रमुख व्यक्ति मौजूद रहे.