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    Delhi-Saharanpur Highway समेत कई मार्गों पर हल्के वाहनों की भी नो एंट्री, काॅरिडोर से कांवड़ियों के 450 वाहन लौटाए

    By Kapil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Wed, 05 Aug 2026 06:21 AM (IST)

    Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के मद्देनजर बागपत में दिल्ली-सहारनपुर समेत कई मार्गों पर हल्के वाहनों की आवाजाही मंगलवार रात 12 बजे से बंद कर दी गई। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक फोटो

    प्रतीकात्‍मक फोटो

    HighLights

    1. 29 जुलाई की रात से बंद हैं भारी व कमर्शियल वाहन।

    2. आपातकालीन सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं को छूट रहेगी।

    जागरण संवाददाता, बागपत। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे, मेरठ-बागपत हाईवे, बड़ौत-मेरठ हाईवे, बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग, मेरठ से रोहटा-खिवाई-कल्यणपुर पुरा महादेव मार्ग पर मंगलवार रात 12 बजे से हल्के वाहनों का आवागमन बंद हो गया।

    29 जुलाई की रात 12 बजे से भारी व कमर्शियल वाहनों की नो एंट्री है। इन वाहनों का आवागमन 12 दिसंबर की रात 12 बजे के बाद शुरू होगा। एसपी सूरज कुमार राय का कहना है कि हल्के वाहनों के लिए रूट डायवर्जन प्लान लागू हो गया है।

    दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर वाहन दौड़ेंगे। 450 कांवड़ियों के वाहन वापस लौटाए गए है। आपातकालीन सेवाओं, आवश्यक वस्तुओं के वाहनों पर कोई रोक नहीं है।

    मुख्य त्योहार 11 व 12 अगस्त को है, तब पुरा के प्राचीन परशुरामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के दृष्टिगत आवश्यकता पड़ने पर बुढ़सैनी-नवाना-बालैनी मार्ग को कंटीजेंसी मार्ग/रूट में प्रयोग किया जा सकता है।

    किसी भी प्रकाश की असुविधा से बचने के लिए यात्री वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। जारी किए गए डायवर्जन व्यवस्था में आवश्यकता अनुसार संशोधन किया जा सकता है।

    सड़कें तोड़कर बिछाई लाइन, घरों में नहीं पहुंचा पानी

    बागपत: जल निगम के एक्सईएन चंद्रहास को नंगला बहलाेलपुर और सांकसरौद गांव में सड़कें तोड़कर बिछाई गई पाइपलाइन मिली, लेकिन घरों में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई है। तोड़ी गई सड़कें यूं ही छोड़ने से हजारों ग्रामीणों की मुसीबत और बढ़ गई है।

    एक्सईएन ने एलसी इन्फ्रा प्रो. प्रा. लिमिटेड को उक्त दोनों गांवों में तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत कराने तथा पेयजल परियोजनाओं की खामियों को दूर करने की हिदायत दी। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बताते चलें कि जिले के अनेक गांवों में ऐसा ही हाल है, जहां सड़कें तोड़कर यूं ही छोड़ दी गईं और पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो रही।