वायरल फीवर के बीच स्वाइन फ्लू की एंट्री: बचाव को याद रखें ये 8 बातें, क्योंकि जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
दिल्ली और मेरठ में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद बागपत में भी खतरा बढ़ गया है, जहां ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
दिल्ली-मेरठ के बाद बागपत में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा।
बदलते मौसम में वायरल फीवर के साथ स्वाइन फ्लू की आशंका।
जागरण संवाददाता, बागपत। दिल्ली और मेरठ में स्वाइन फ्लू के केस मिलने के बाद खतरे की घंटी बज गई है। अब लोगों को कोरोना काल में जो सावधानियां बरती थी, उसे ही अपनाना होगा। लापरवाही बीमारी की चपेट में ला सकती है। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अभी कोई केस तो नहीं मिला है, लेकिन वायरल फीवर लोगों को निरंतर जकड़ रहा है।
मौसम में जैसे-जैसे परिवर्तन हो रहा है वैसे ही वायरल फीवर लोगों को चपेट में ले रहा है। बुखार के साथ-साथ खांसी और जुकाम के भी मरीज है।सोमवार को जिला अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी में 150 लोगों का उपचार किया गया है, इनमें 75 से 80 मरीज वायरल फीवर आए। अब वायरल फीवर के बीच स्वाइन फ्लू की खतरा बढ़ गया। दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, तो मेरठ में भी लोगों स्वाइन फ्लू की दस्तक हो गई।
बागपत से दिल्ली और मेरठ ज्यादा दूर नहीं है। अब जिले में भी खतरे की घंटी बजा गई है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. श्रवण कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में बुखार, जुकाम हो जाती है। बिना किसी जांच के दवा न लें। स्वाइन फ्लू का प्रकोप अभी आगे भी रहेगा। शरीर में ऐंठन, गले में खराश व बुखार ज्यादा दिनों तक और सांस लेने में दिक्कत है तो तुरंत जांच कराए। मौसम जैसे-जैसे ठंडा होगा वैसे ही स्वाइन फ्लू का खतरा और बढ़ेगा।
इन बातों पर जरूर दें ध्यान
- हाथों को साबुन या सैनेटाइजर से साफ करें
- खांसते या छींकते समय अपनी नाक और मुंह को रुमाल या टिश्यू पेपर रखें
- हाथ गंदे है तो बार-बार आंख, नाक और चेहरे को छूने से बचें
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर या यदि आप बीमार हैं, तो दूसरों को संक्रमण से बचाने के लिए मास्क लगाए
- स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने वाले या संक्रमित व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।
- यदि बीमार हैं तो सर्वाजनिक स्थानों पर जाने से बचें
- पशु ओर पक्षियों से भी दूरी बनाए रखें
- शरीर की इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) कम न होने दें
स्वाइन फ्लू की नहीं होती जिले में जांच
फिजिशियन डा. श्रवण कुमार ने बताया कि स्वाइन फ्लू की जिले में जांच नहीं होती है। कोई मरीज अगर मिलता है तो ब्लड का सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली या मेरठ भेजा जाता है। पुष्टि होने पर एकांतवास में रहने की सलाह दी जाती है।
इन्होंने कहा
स्वाइन फ्लू सामान्य वायरल है, ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानियां बरनी है। कोरोना महावारी के दौरान जो सावधानियां बरती थी उसका फिर से पालन करें। जिले में उपचार संबंधित सभी दवाईयां और व्यवस्था है।
-डा. तीरथ लाल, मुख्य चिकित्साधिकारी।
