यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bahraich Wolf Attack: बहराइच में पकड़ा गया एक और आदमखोर भेड़िया, अब तक 10 लोगों को बना चुका है शिकार
Bahraich Bhediya News बहराइच में एक और आदमखोर भेड़िया पकड़ा गया है। भेड़ियों ने अब तक 10 लोगों को अपना शिकार बनाया है। इससे पहले दो मादा और दो नर भेड़ ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, महसी (बहराइच)। कछार में आतंक का पर्याय बना एक और आदमखोर भेड़िया मंगलवार की सुबह वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। उसके पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। दो मादा व दो नर भेड़िया पहले पकड़े जा चुके हैं।
बीते मार्च माह से हरदी थाना के मक्कापुरवा, औराही जगीर, कोलैला, नथुवापुर, बड़रिया, नकवा, नयापुरवा समेत आसपास के गांवों में भेड़िए ने कई हमले किए। आठ मासूमों समेत दस लोगों को अपना शिकार बनाया। 37 से अधिक लोग घायल हुए। चार पिंजरे, आठ थर्मोसेंसर कैमरे लगाए गए। थर्मल ड्रोन से निगरानी शुरू की।

अब तक पकड़े गए पांच भेड़िए
बीते दिनों चार भेड़िए पकड़े गए। कुनबे के अन्य भेड़िए चकमा देकर वहां से भाग निकले। वन विभाग ने फिर से उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार की सुबह मादा भेड़िया सिसैया चूरामणि के हरिबक्स पुरवा के निकट लगे वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गई। वनकर्मी उसे रेंज कार्यालय ले गए। भेड़िए के पकड़े जाने के बाद वन कर्मियों व ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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प्रभागीय वनाधिकारी अजीत प्रताप सिंह का कहना है कि पांच भेड़िए पकड़े जा चुके हैं। अन्य भेड़ियों को भी पकड़ लिया जाएगा।
वन विभाग की 25 टीमें कर रहीं कांबिंग
वन विभाग की 25 टीमें कांबिंग कर रही हैं। 200 पुलिस व पीएसी के जवान सुरक्षा में तैनात हैं। पंचायत व विकास विभाग की 110 टीमें रात में आठ बजे से सुबह पांच बजे तक रखवाली करती है। 11 जिला स्तरीय नोडल अधिकारी निगरानी के लिए तैनात किए गए हैं।
खबरें और भी
जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों के दौरे
28 अगस्त को वन मंत्री डा. अरुण सक्सेना ने दौरा कर प्रभावी कदम उठाए जाने के निर्देश दिए
29 अगस्त को मत्स्य/ प्रभारी मंत्री ने प्रभावित गांव दीवान पुरवा पहुंच पीड़ित परिवार से मुलाकात की
31 अगस्त को बाल अधिकार के संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डा. देवेंद्र शर्मा ने प्रभावित गांव को, मक्कापुरवा, नकवा गांव का भ्रमण कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की
2 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश जारी किए कि वन विभाग के बड़े अधिकारी जनपदों में कैंप करें। साथ ही मानव-वन्य जीव संघर्ष को आपदा घोषित की। जिससे उत्तर प्रदेश पहला राज्य बना, जिसने मानव-वन्य जीव संघर्ष को आपदा घोषित किया है।
दो सितंबर को अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर डा. केएस प्रताप कुमार ने प्रभावित गांव नउवनपुरवा का दौरा किया।
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