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    स्वास्थ्य सेवाओं से 1.12 लाख लाभार्थियों को हर महीने मिलेगा लाभ, इन सामग्रियों की हुई खरीद

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 03:18 PM (IST)

    बहराइच के ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) को प्रभाव ...और पढ़ें

    स्वास्थ्य सेवाओं से 1.12 लाख लाभार्थियों को हर महीने मिलेगा लाभ।

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    जागरण संवाददाता, बहराइच। ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस को अब और अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाया जा रहा है। इसमें संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए सीएमओ की विशेष पहल पर ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) फंड का उपयोग किया गया है।

    इसके तहत जिले की आशा कार्यकर्ताओं को 17 प्रकार की आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा।

    जिला प्रोग्राम मैनेजर मुहम्मद राशिद ने बताया कि जिले के सभी राजस्व ग्रामों में प्रत्येक माह के बुधवार और शनिवार को 4500 सार्वजनिक स्थानों पर वीएचएसएनडी सत्र आयोजित किए जाते हैं।

    इनके माध्यम से करीब 1.12 लाख से अधिक लाभार्थियों, जिनमें गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं और बच्चों का टीकाकरण, पोषण परामर्श और स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं दी जाती हैं।

    उन्होंने बताया कि वीएचएसएनसी फंड का संचालन ग्राम प्रधान और आशा के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। सरकार इसमें हर साल 10 हजार रुपये देती है। सीएचसी फखरपुर में अधीक्षक डॉ. नरेंद्र सिंह ने आशा कार्यकर्ताओं को किट सौंपा।

    इन सामग्रियों की हुई खरीद

    डीसीपीएम ने बताया कि आशाओं के लिए कुर्सी, मेज, हैंगिंग स्केल, एमयूएसी टेप, चटाई, टार्च, बैग, टीकाकरण ट्रैकिंग रजिस्टर, बाल्टी, मग, कूड़ेदान, जग-गिलास सेट, वैक्सीन रखने की ट्रे, पेन पैकेट, थर्मामीटर, बेबी ब्लैंकेट और हैंडवाश शामिल हैं।

    संसाधनों की उपलब्धता से गांवों में ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाना है। वीएचएसएनडी सत्रों का संचालन व्यवस्थित तरीके से करते हुए बच्चों का वजन मापना, कुपोषण की सटीक पहचान करना, टीकाकरण का रिकार्ड रखना और स्वच्छता बनाए रखना पहले की तुलना में आसान हो जाएगा। -डॉ. संजय शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।