यूपी चुनाव में बहराइच की महिलाओं के 230197 वोट बिगाड़ सकते हैं इलेक्शन का गणित, SIR के बाद बदले समीकरण
बहराइच में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के बाद मतदाता सूची में भारी कमी आई है, खासकर महिला मतदाताओं की संख्या में 2,30,197 की गिरावट दर्ज की गई है ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, बहराइच। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के बाद जिले की अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में भारी कमी आई है। खासकर महिला मतदाताओं की संख्या में आई गिरावट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस बदलाव से आगामी चुनावों के राजनीतिक समीकरण प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार एसआइआर अभियान के बाद जिले की मतदाता सूची में महिला मतदाताओं की संख्या में 2,30,197 की कमी दर्ज की गई है। 2025 की मतदाता सूची में जहां महिला मतदाताओं की संख्या 12.38 लाख थी, वहीं एसआइआर के बाद यह घटकर 10.08 लाख रह गई है।मतदाता सूची में बदलाव
मतदाता सूची में उल्लेखनीय बदलाव
समग्र रूप से जिले में मतदाताओं की कुल संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आई है। 2025 की मतदाता सूची में कुल 26.22 लाख मतदाता थे, जो अब घटकर 22.21 लाख रह गए हैं। यह कमी मुख्य रूप से मतदाता होने के साक्ष्य प्रस्तुत न करने वाले मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के कारण हुई है।
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मतदाता सूची में हुए इस बड़े बदलाव को देखते हुए, सभी राजनीतिक दल नए सिरे से चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। महिला मतदाताओं की संख्या में कमी को एक महत्वपूर्ण कारक माना जा रहा है, जो विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से मतदाताओं का रुझान भी प्रभावित हो सकता है।
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| विधानसभा क्षेत्र | पहले महिला मतदाता | अब महिला मतदाता |
|---|---|---|
| बलहा | 1,76,899 | 1,39,631 |
| नानपारा | 1,68,616 | 1,29,689 |
| मटेरा | 1,66,032 | 1,39,381 |
| महसी | 1,62,936 | 1,36,900 |
| बहराइच | 1,94,406 | 1,50,264 |
| पयागपुर | 1,83,984 | 1,60,621 |
| कैसरगंज | 1,86,110 | 1,52,300 |
नोट: सभी आंकड़े महिला मतदाताओं के हैं।
एसआइआर में मतदाता होने का साक्ष्य न देने वालों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं, जिससे मतदाता संख्या कम हो गई है। - अमित कुमार, एडीएम।