बहराइच में घाघरा नदी का बढ़ा जलस्तर, शिवपुर में कटान से मकान नदी में समाया
घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे बहराइच के शिवपुर में कटान तेज हो गई है। ...और पढ़ें

HighLights
घाघरा नदी खतरे के निशान से 1.09 सेमी नीचे।
शिवपुर के झुंडी गांव में एक मकान नदी में समाहित।
गिरजा बैराज से पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ा।
जागरण संवाददाता, बहराइच। शिवपुर इलाके में तेज कटान कर रही सरयू नदी ने चौकसाहार के गांव झुंडी में एक मकान को अपनी धारा में समाहित कर लिया। कई मकान कटान के मुहाने पर है।
वहीं, एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के लाल निशान को फिर से छूने को बेताब है। लाल निशान से 1.09 सेंटीमीटर सिर्फ घाघरा नीचे बह रही है। बढ़ रही घाघरा नदी से ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है।
शिवपुर ब्लाक के चौकसाहार में राममूरत का पक्का मकान सरयू नदी में समाहित हो गया है। राम निवास,राम सूरत,राम सहारे अवध बिहारी ,विनोद का मकान मुहाने पर है।
बौंडी, तिगड़ा, अंबरपुर और चौकसाहार गांवों में तेज कटान से पांच बीघे से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा गई है। तहसीलदार शैलेश अवस्थी ने बताया कि जल्द ही सरकार की तरफ से मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
महसी: गिरजा बैराज से पानी के डिस्चार्ज में शनिवार को वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद घाघरा नदी के जलस्तर के एक बार फिर बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से एक मीटर नौ सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के सहायक अभियंता विशाल ने बताया कि पानी का शारदा, गिरजा व सरयू बैराजों से 110853 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। गिरजा बैराज पर 31 मिलीमीटर बरसात रिकार्ड की गई।
एसडीएम प्रकाश सिंह ने बताया कि नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ की अभी कोई संभावना नहीं है।