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    बलिया के 25 वार्डों में पहुंचेगा गंगा का शोधित जल, 125 किमी पाइपलाइन बिछाने की तैयारी

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 07:57 PM (IST)

    बलिया शहर के 25 वार्डों में गंगा का शोधित पेयजल पहुंचाने के लिए जल निगम ने 250 करोड़ रुपये की परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत 125 किलोमीट ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. बलिया के 25 वार्डों में पहुंचेगा गंगा का शोधित जल।

    2. 125 किमी पाइपलाइन बिछाने और 250 करोड़ का खर्च।

    3. जमुआ में 35 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र बनेगा।

    जागरण संवाददाता, बलिया। शहरवासियों को जल्द ही गंगा का शोधित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। नगर क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जल निगम (शहरी) ने व्यापक परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया है।

    योजना के तहत शहर के सभी 25 वार्डों में गंगा का शुद्ध पानी पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए लगभग 125 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाने की तैयारी की गई है।

    इस पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल विभाग डीपीआर तैयार करने में जुटा है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

    योजना के अनुसार, गंगा नदी से पानी का उठान प्रस्तावित श्रीरामपुर घाट पर बनाए जाने वाले इंटेकवेल के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए करीब एक एकड़ भूमि की तलाश की जा रही है।

    हालांकि अभी तक इसके लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई है, क्योंकि सिंचाई विभाग से अनुमति का इंतजार है। इसके बाद पानी को शोधन संयंत्र तक पहुंचाकर शुद्ध किया जाएगा और वहां से शहर के विभिन्न इलाकों में आपूर्ति की जाएगी।

    जमुआ में बनेगा 35 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र

    परियोजना के तहत जमुआ क्षेत्र में लगभग डेढ़ हेक्टेयर भूमि पर 35 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस संयंत्र में गंगा के पानी का वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाएगा, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही ओवरहेड टैंक और वितरण नेटवर्क भी विकसित किया जाएगा, जिससे शहर के प्रत्येक वार्ड तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके।

    पुरानी व्यवस्था से मिलेगी राहत

    वर्तमान में शहर के कई हिस्सों में भूजल आधारित जलापूर्ति पर निर्भरता है। 2011 की जनगणना के अनुसार बलिया शहर (नगर पालिका परिषद) की कुल जनसंख्या 1,04,424 थी जो एक लाख 36 हजार से ज्यादा आबादी पहुंच गई हैं। ऐसे में इनको सीधा इसका लाभ मिलेगा। कई घरों में बोरिंग तो किए गए हैं लेकिन गर्मी के मौसम में जलस्तर गिरने और पानी की गुणवत्ता को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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    अभी डीपीआर तैयार किया जाएगा। पूरे शहर में करीब 125 किमी पाइपलाइन बिछाने की तैयारी है। -पीयूष मौर्य, एक्सईएन, जल निगम शहरी।