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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ballia News: सरयू की बाढ़ में बहा नेशनल हाईवे, बलिया-छपरा संपर्क टूटा, जलमग्न हुआ यादव नगर

    Updated: Thu, 19 Sep 2024 11:52 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश के बलिया में सरयू नदी की बाढ़ से राष्ट्रीय राजमार्ग-31 का 100 मीटर हिस्सा बह गया जिससे बलिया से छपरा का संपर्क टूट गया। लगभग 4000 लोगों न ...और पढ़ें

    बलिया: बैरिया क्षेत्र के चांद दीयर पुलिस चौकी के पास बाढ़ के पानी से कटा नेशनल हाइवे।
    बलिया: बैरिया क्षेत्र के चांद दीयर पुलिस चौकी के पास बाढ़ के पानी से कटा नेशनल हाइवे।

    HighLights

    1. चांददियर-मांझी के बीच रात 1.30 बजे कटा हाईवे
    2. डीएम-एसपी ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा

    जागरण संवाददाता, बलिया। सरयू की बाढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 बुधवार की रात बैरिया के चांददियर और मांझी के बीच 100 मीटर से अधिक बह गया। इससे बलिया से छपरा का संपर्क टूट गया। अचानक पानी आने से यादव नगर सहित कई बस्ती डूब गए। यहां पर रह रही करीब चार हजार आबादी ने भाग कर जान बचाई तो अधिसंख्य लोग छतों पर चढ़ गए। 

    जानकारी होते ही एनडीआरएफ की टीम और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत-बचाव कार्य में जुट गए। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार और एसपी विक्रांत वीर बाढ़ क्षेत्र का भ्रमण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

    राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर किलोमीटर 101 व 102 के बीच में चांद दियर पुलिस चौकी से करीब 500 मीटर दूरी पर बह गया। जिस समय हाईवे टूटा उस समय लोग अपने घरों में गहरी नींद में सो रहे थे। 

    अचानक घरों में पानी घुसता देख अफरा-तफरी मच गई। लोग छतों पर व ऊंचे स्थानों पर जाकर अपनी जान बचाई। गांव के लोगों ने बताया कि हर घर नल जल योजना के तहत पाइप बिछाने के लिए कार्यदायी संस्था द्वारा सड़क की पटरी खोदी गई थी। 

    इसके साथ ही ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण के कारण पेड़ भी काट दिए गए थे। सड़क कमजोर हो गई और दबाव पड़ने पर बह गई। सड़क बहने के बाद चांद दियर ग्राम पंचायत के यादव नगर सहित तीन बस्तियां बाढ़ के पानी में डूब गईं। एनडीआरएफ इंस्पेक्टर श्रीनिवास ने बताया कि चार बजे भोर में ही लगातार राहत में टीम जुटी हुई है।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकी के साथ ही साथ 80 नाव लगाई गई हैं। रात से ही चार एनडीआरएफ की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को राहत कार्य में जुटी हुई हैं। गांव के सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। 

    बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों के लिए अस्थायी शरणालय एवं भोजन आदि की व्यवस्था किया गया है। कुछ लोग घर से नहीं आना चाह रहे हैं उनके लिए पुलिस को भेजकर निकाला जा रहा है। एडीएम और एसडीएम लगातार मौके पर कैंप कर रहे हैं। 20 सितंबर को शाम तक यातायात बहाल कर दिया जाएगा।

    -प्रवीण कुमार लक्षकार, जिलाधिकारी।

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