Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    दिल्ली से बलिया पहुंचा विधायक उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर, अंतिम दर्शन के लिए जुटी भीड़

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 10:58 PM (IST)

    रसड़ा के दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को बलिया के बयासी घाट पर राजकीय सम्मान के साथ होगा। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से लखन ...और पढ़ें

    दिल्ली से बलिया पहुंचा विधायक उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर।

    दिल्ली से बलिया पहुंचा विधायक उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर।

    HighLights

    1. दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को।

    2. बलिया के बयासी घाट पर राजकीय सम्मान से होगा।

    3. अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़, शोक की लहर।

    जागरण संवाददाता, नगरा (बलिया)। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को शहर के बयासी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाज के साथ किया जाएगा।

    विधायक के भाई रमेश सिंह और पुत्र प्रिंस युकेश सिंह ने बताया कि गार्ड ऑफ आनर देने के साथ सुबह करीब 10 बजे पैतृक गांव खनवर से अंतिम यात्रा निकलेगी, जिसके बाद बयासी घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    विधायक का पार्थिव शरीर गुरुवार को दिल्ली से 11 बजे के करीब लखनऊ पहुंचा था, जहां गोमती नगर स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती समेत कई राजनीतिक हस्तियों और शुभचिंतकों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

    इसके बाद शाम करीब 7:30 बजे पार्थिव शरीर रसड़ा स्थित चंद्रशेखर आजाद चौराहे पर पहुंचा। यहां दिवंगत विधायक के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। करीब 20 हजार से अधिक लोग उमड़े और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दिखाई दी।

    करीब 400 वाहनों के काफिले के बीच समर्थक लगातार ''उमाशंकर भैया अमर रहें'' के नारे लगाते रहे। लगभग डेढ़ घंटे बाद पार्थिव शरीर रसड़ा से पैतृक गांव नगरा क्षेत्र के खनवर पहुंचा जहां अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। मौके पर एसडीएम रसड़ा रणधीर सिंह, तहसीलदार राजू कुमार, सीओ रसड़ा रजनीश कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।

    लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन

    55 वर्षीय उमाशंकर सिंह ने गत बुधवार शाम दिल्ली स्थित फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। वह लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे। उपचार के लिए वह अमेरिका और लंदन भी गए थे, लेकिन बीमारी चौथे चरण तक पहुंच चुकी थी।

    खबरें और भी

    विधायक के निधन की सूचना के बाद उनके पैतृक आवास पर बड़ी संख्या में समर्थक और शुभचिंतक पहुंचने लगे। पिता घुरहू सिंह बेटे के निधन से बेहद मर्माहत हैं और पूरे समय गुमसुम बैठे रहे। अंतिम संस्कार में राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, विधायक राकेश प्रताप सिंह सहित कई राजनीतिक हस्तियां शामिल होंगी।

    युकेश को माना जा रहा राजनीतिक उत्तराधिकारी

    उमाशंकर सिंह के परिवार में पत्नी पुष्पा सिंह, पुत्री यामिनी और पुत्र प्रिंस युकेश सिंह हैं। यामिनी का विवाह वर्ष 2019 में हुआ था, जबकि युकेश सिंह का विवाह वर्ष 2024 में हुआ। युकेश की पत्नी कनिका सिंह राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह की भतीजी हैं। इस विवाह समारोह में बसपा सुप्रीमो मायावती भी शामिल हुई थीं।

    पुष्पा सिंह विधायक की कंपनी सीएस इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड की प्रबंध निदेशक हैं, जबकि प्रिंस युकेश सिंह कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। राजनीतिक हलकों में प्रिंस युकेश सिंह को उमाशंकर सिंह की राजनीतिक विरासत का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती भी संकेत दे चुकी हैं कि परिवार की सहमति से उन्हें राजनीति और पार्टी में आगे बढ़ाया जाएगा।

    उमाशंकर का जीवन परिचय एक नजर में

    • जन्म: 2 जनवरी 1971
    • जन्मस्थानः खनवर गांव, रसड़ा, बलिया
    • मृत्यु: 5 जनवरी 2026
    • पढ़ाई: इंटरमीडिएट
    • पिता-घुरहू सिंह
    • पत्नी- पुष्पा सिंह
    • बेटा-प्रिंस युकेश सिंह
    • बेटी-यामिनी सिंह

    राजनीतिक सफर

    • उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की।
    • 1990 में बलिया के सतीश चंद्र कालेज से छात्रसंघ के महामंत्री चुने गए।
    • 2000 में बलिया के जिला पंचायत अध्यक्ष बने।
    • 2012 में पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार रसड़ा से विधायक बने।
    • 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा को सिर्फ एक सीट मिली और वह सीट उमाशंकर सिंह ने रसड़ा से जीती थी।

    यह भी पढ़ें- बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, सीएम योगी ने लखनऊ पहुंच दी श्रद्धांजलि