यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पूर्वांचल में अवैध रूप से चल रहीं दो हजार यात्री बसें, मुख्य सचिव ने मंडलायुक्त-डीएम को भेजा गया पत्र; होगी कार्रवाई
पूर्वांचल के जिलों में 7515 बसें पंजीकृत हैं। इनमें 2191 बसें अवैध रूप से चलाई जा रही हैं। बलिया जिले में 618 बसें पंजीकृत हैं। इनमें से 404 बसों के फ ...और पढ़ें

HighLights
- पूर्वांचल के जिलों में पंजीकृत हैं 7515 बसें
- अवैध रूप से चलाई जा रही हैं 2191 बसें
- मुख्य सचिव ने ऐसी बसों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
जागरण संवाददता, बलिया। प्रदेश में बढ़ रहे बस हादसों को देखते हुए अब प्रशासन कार्रवाई के मूड में है। लगातार बरती जा रही सख्ती के बावजूद पूर्वांचल में 2191 बसों का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है यानी ये बसें परिवहन के मानकों का पालन नहीं कर रही हैं। बलिया में ऐसी 214 बसें चल रही हैं। मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन मनोज कुमार सिंह ने ऐसी बसों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पूर्वांचल के जिलों में 7515 बसें पंजीकृत हैं। इनमें 2191 बसें अवैध रूप से चलाई जा रही हैं। बलिया जिले में 618 बसें पंजीकृत हैं। इनमें से 404 बसों के फिटनेस, बीमा और टैक्स समेत सभी कागजात वैध हैं। वहीं 214 बसों का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है।
परिवहन अधिकारी करेंगे जागरुक
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि जिले के परिवहन अधिकारी अवैध रूप से संचालित बसों की सूची तैयार कराएं। साथ ही बस मालिक और संगठनों से संपर्क कर कागजात दुरुस्त करने के लिए प्रोत्साहित करें। वहीं रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (आरवीएसएफ) के तहत समय पूरा कर चुके वाहनों पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। यानी 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैपिंग सेंटर भेजना है।
अवैध स्कूली बसों पर भी होगी कार्रवाई
पूर्वांचल के नौ जिलों में पंजीकृत स्कूली वाहनों की संख्या 10 हजार 466 है। इनमें 7 हजार 137 वाहन वैध रूप से चल रहे हैं। वहीं 2 हजार 778 वाहन अनधिकृत रूप से चलाए जा रहे हैं। इन वाहनों पर सख्त कार्रवाई जाएगी।