यूपी-बिहार बॉर्डर पर 12 एकड़ में बन रहा बस टर्मिनल, प्रोजेक्ट के लिए 49 करोड़ जारी; 3 राज्यों का सफर होगा आसान
उत्तर प्रदेश सरकार ने बलिया के चांददियर मांझी में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) के निर्माण के लिए 49 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
चांददियर मांझी में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल का निर्माण।
परियोजना के लिए 49 करोड़ रुपये की धनराशि जारी।
12 एकड़ में फैलेगा, यूपी-बिहार सहित तीन राज्यों को जोड़ेगा।
जागरण संवाददाता, बलिया। उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर बैरिया तहसील क्षेत्र के चांददियर मांझी में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आइएसबीटी) के निर्माण में अब तेजी आएगी। प्रदेश सरकार ने परियोजना के लिए 49 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इससे निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
करीब 12 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाले इस बस टर्मिनल से दोनों राज्यों के बीच परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। आईएसबीटी के निर्माण का निर्णय परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की पहल पर प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में लिया गया था।
इसके बाद परिवहन विभाग को परियोजना के लिए चांददियर में निश्शुल्क भूमि उपलब्ध कराई गई। इस स्थल से लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव सिताबदियारा की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है। परियोजना के तहत स्थल की बाउंड्री का कार्य पहले ही पूरा कराया जा चुका है।
इसके निर्माण से बलिया और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को अंतरराज्यीय बस सेवाओं की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। टर्मिनल से बिहार के विभिन्न शहरों के साथ बंगाल और झारखंड समेत अन्य राज्यों के लिए बसों का संचालन सुगम हो सकेगा। वर्तमान में विभिन्न मार्गों पर बसों के संचालन और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर कई तरह की दिक्कतें सामने आती हैं।
परियोजना के लिए धनराशि जारी होने के बाद अब निर्माण कार्य को गति मिलने की संभावना है। टर्मिनल में यात्रियों के बैठने, बसों के ठहराव और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास की योजना है।
इसके निर्माण से सीमावर्ती क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं का विस्तार होने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परियोजना जल्द पूरी होने पर बलिया के साथ बिहार और पूर्वांचल के यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
चांददियर मांझी में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के लिए 49 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। वहां पर निर्माण कार्य भी चालू है। बाढ़ के कारण कुछ दिनों से कार्य बंद था, लेकिन अब कार्य में गति आएगी। -महेश चंद्र पांडेय, एआरएम, बलिया।
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