भारत के दबाव का असर, नेपाल में नौ किलोमीटर तक भारतीय वाहनों को भंसार शुल्क से राहत
Nepal Bhansar: छोटी भंसार चौकियों को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन और क्यूआर कोड आधारित प्रणाली से जोड़ा जा रहा है, जिससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और पारदर्श ...और पढ़ें

भारत और नेपाल सीमा पर वाहनों का आवागमन
HighLights
नेपाल सीमा के भीतर नौ किमी तक बिना किसी शुल्क के प्रवेश कर सकेंगे वाहन
सूर्योदय के बाद नेपाल में प्रवेश कर उसी दिन सूर्यास्त से पहले भारत लौटने की शर्त
संवाद सूत्र, बलरामपुर। नेपाल में भारतीय वाहनों से भंसार शुल्क को लेकर भारत का दबाव रंग लाया है। अब लागू नियमों के अनुसार भारतीय वाहन नेपाल के तराई क्षेत्र में सीमा से लगभग नौ किलोमीटर तक बिना भंसार शुल्क के प्रवेश कर सकेंगे। इससे भारत-नेपाल के बीच व्यापार, पर्यटन, सामाजिक संपर्क और 'रोटी-बेटी' के पारंपरिक रिश्तों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नेपाल सरकार ने सीमा से नौ किलोमीटर तक भारतीय वाहनों को भंसार (कस्टम) शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया है। अब वाहन चालक सुविधा पास बनवाकर नेपाल सीमा के भीतर नौ किमी तक बिना किसी शुल्क के प्रवेश कर सकेंगे। शर्त यह है कि वाहन सूर्योदय के बाद नेपाल में प्रवेश कर उसी दिन सूर्यास्त से पहले भारत लौट आए।
क्यूआर कोड और मोबाइल स्कैनर आधारित ऑनलाइन प्रणाली के जरिए कुछ ही मिनटों में वाहन प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। लागू नियमों के अनुसार भारतीय वाहन नेपाल के तराई क्षेत्र में सीमा से लगभग नौ किलोमीटर तक बिना भंसार शुल्क के प्रवेश कर सकेंगे। इसके साथ ही नेपाल आने-जाने वाले पर्यटकों और धार्मिक यात्रियों के लिए भी औपचारिकताएं पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल हो जाएंगी।
इस व्यवस्था से शादी-विवाह, बारात और अन्य सामाजिक आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को विशेष राहत मिलेगी। सीमावर्ती गांवों के निवासियों को दैनिक उपयोग की वस्तुओं के आवागमन में सुविधा होगी, जबकि छोटे व्यापारियों को स्थानीय कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
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कस्टम ड्यूटी संबंधी नियमों में भी संशोधन
नेपाल सरकार ने आम नागरिकों को राहत देते हुए कस्टम ड्यूटी संबंधी नियमों में भी संशोधन किया है। अब 500 नेपाली रुपये तक के घरेलू उपयोग के सामान को बिना भंसार शुल्क नेपाल ले जाने की अनुमति होगी। इसके साथ ही छोटी भंसार चौकियों को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन और क्यूआर कोड आधारित प्रणाली से जोड़ा जा रहा है, जिससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
तुलसीपुर में सनातन जागृति मंच के संयोजक एवं जिला महामंत्री दिलीप कुमार गुप्त ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों, व्यापारियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने बताया कि नौ किमी से आगे जाने वाले वाहनों पर पूर्व की तरह निर्धारित भंसार शुल्क लागू रहेगा।
नेपाल के कृष्णानगर भंसार कार्यालय के उप-प्रमुख मयंक कुमार कर्ण ने बताया कि नेपाल सरकार ने बंद पड़े 18 छोटे भंसार कार्यालयों को फिर से संचालित कर डिजिटल प्रणाली से जोड़ दिया है। इससे सीमा पार आवागमन अधिक पारदर्शी और सरल होगा। नेपाल के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे लुंबनी समेत नेपाल के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।