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बलरामपुर में नोवा अस्पताल में नवजात की मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए किया हंगाला

Published: Sun, 16 Aug 2026 12:11 AM (IST)Updated: Sun, 16 Aug 2026 05:45 AM (IST)

बलरामपुर के नोवा मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में उपचार के दौरान एक नवजात की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

नोवा अस्पताल में नवजात की मौत पर हंगामा।

नोवा अस्पताल में नवजात की मौत पर हंगामा।

HighLights

  1. बलरामपुर के नोवा अस्पताल में नवजात की उपचार के दौरान मौत।

  2. परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।

  3. स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को बिना पंजीकरण के संचालित पाया, सील होगा।

जागरण संवाददाता, बलरामपुर। भगवतीगंज-उतरौला मार्ग स्थित नोवा मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल में उपचार के दौरान नवजात की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।

स्वास्थ्य विभाग के प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि नोवा हास्पिटल नगर क्षेत्र में सीएमओ कार्यालय से महज कुछ ही दूरी पर बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कराने की कार्रवाई शुरु कर दी है।

मृतक नवजात के पिता अमित कुमार यादव, निवासी कुटकुड्यों, थाना हरैया ने नगर कोतवाली में दी गई तहरीर में कहा है कि पत्नी खुशबू को 13 अगस्त की देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 14 अगस्त की सुबह उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और नवजात की स्थिति सामान्य बताई गई थी। कुछ समय बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी।

आरोप है कि स्थिति खराब होने के बावजूद समय रहते उपचार नहीं मिल सका। परिवारजन के मुताबिक नवजात की जांच के नाम पर कई बार रक्त के नमूने लिए गए, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। 15 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे नवजात की मौत हो गई।

इसके बाद उन्होंने अस्पताल परिसर में विरोध जताया और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी ली और तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी। अस्पताल के संचालक व कर्मी ताला लगाकर फरार हो गए।

इस संबंध में सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि प्रथम दृष्टया अस्पताल अवैध ढंग से संचालित हो रहा था। जांच के लिए टीम गठित की गई है। 15 अगस्त होने के कारण अस्पताल सील नहीं कराया जा सकता है। कल टीम भेज कर अस्पताल सील कर संचालक व अन्य दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार नवजात की मौत के वास्तविक कारण, उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया और अस्पताल के संचालन से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अस्पताल संचालक ने कुछ भी बोलने से इनकार किया।