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    गाय को 'राष्ट्र माता' का दर्जा देने में विलंब क्यों? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर बोला हमला

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 05:15 PM (IST)

    ज्योतिर्मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बलरामपुर में गौ संरक्षण और राम मंदिर निर्माण में अनियमितताओं को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों पर तीखा ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ संरक्षण पर सरकारों को घेरा।

    2. गाय को कानूनी रूप से गौमाता घोषित न करने पर सवाल।

    3. राम मंदिर निर्माण में 'कलाकारी' और अनियमितताओं पर चिंता जताई।

    जागरण संवाददाता, बलरामपुर। गविष्टि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के तहत फक्कड़दास चौराहे पर पहुंचे ज्योतिर्मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा प्रहार किया।

    उन्होंने कहा कि देश में गाय को माता का दर्जा दिए जाने की बात तो की जाती है, लेकिन आज तक उसे विधिक रूप से गौमाता घोषित नहीं किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल करते हुए कहा कि जब सरकार स्वयं को हिंदू हितों की पक्षधर बताती है तो गाय को 'राष्ट्र माता' का दर्जा देने में विलंब क्यों हो रहा है?

    अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनकी चतुरंगी सेना का युद्ध किसी व्यक्ति या दल से नहीं, बल्कि उन सरकारों से है जो गाय को केवल पशु मानती हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग गाय को माता मानते हैं, उन्हें इस धर्मयुद्ध में आगे आकर साथ देना चाहिए।

    उन्होंने भारत की बढ़ती बीफ निर्यात भागीदारी पर भी चिंता जताते हुए कहा कि यह स्थिति देश की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं के विपरीत है। गौवंश की रक्षा और संवर्धन के लिए ठोस एवं प्रभावी नीतियां लागू किए जाने की आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    वहीं, मझौली कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित धर्मसभा में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के समय से ही अनियमितताएं हो रही हैं। 'राम मंदिर के चढ़ावे और दान में चोरी और डकैती दोनों नहीं हुई है। वहां कलाकारी हुई है, क्योंकि मंदिर में धर्म का ज्ञान न रखने वाले कलाकारों को रखा गया था जो अपना कलाकारी दिखा गये। धर्म के नाम पर हो रही लूट अब बर्दाश्त नहीं होगी।

     

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