विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Banda News: अपनी मर्जी से जान दे रही हूं....पिता की डांट से नाराज बेटी यमुना में कूदी, पुलिस भर्ती की कर रही थी तैयारी

Published: Sat, 12 Sep 2026 07:03 PM (IST)

बांदा में एक युवती ने 'अपनी मर्जी से जान दे रही हूं' लिखकर यमुना नदी में छलांग लगा दी, जहां ...और पढ़ें

युवती के बैग से मिला सुसाइड नोट। पुलिस

युवती के बैग से मिला सुसाइड नोट। पुलिस

HighLights

  1. युवती ने सुसाइड नोट लिखकर यमुना नदी में लगाई छलांग

  2. पुलिस की देरी से ग्रामीणों ने पुल पर दो घंटे जाम लगाया

  3. बाढ़ के कारण एनडीआरएफ टीम को खोजबीन के लिए बुलाया

जागरण संवाददाता, बांदा। मैं अपनी मर्जी से जान दे रही हूं, किसी का कोई हाथ नहीं है पर्ची में लिखकर युवती ने यमुना नदी के पुल से छलांग लगा दी। सुसाइड नोट के रूप में छोटी से पर्ची व 50 रुपये का नोट पुलिस को पुल पर दुपट्टे से बंधे मिले। जबकि उसकी जूती भी नजदीक उतरी थी।

सूचना देने के तीन घंटे तक पुलिस के न पहुंचने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने पुल पर बांदा-फतेहपुर मार्ग में दो घंटे तक जाम लगाया। युवती के स्वजन व ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के न आने से खोजबीन कराने में कोई मदद नहीं मिली। नदी में बाढ़ होने से गोताखोर बीच धारा में जाने से डर रहे हैं।

पुलिस खाना न बनाने से पिता के डांटने पर जहां युवती का आत्मघाती कदम उठाना बता रही है वहीं स्वजन इस बात से इन्कार कर रहे हैं। एनडीआरएफ टीम (केंद्रीय आपदा मोचन बल) को युवती की खोजबीन करने के लिए सूचना दी गई है।

कमासिन थाना के ग्राम कठार निवासी शिवकुमार यादव की 19 वर्षीय पुत्री संगीता शनिवार सुबह करीब दस बजे घर से पैदल चार किलोमीटर दूर यमुना नदी के दांदौ घाट पहुंची। जहां वह अपना सामान पुल पर रखने के बाद रेलिंग से नदी में कूद गई। राहगीरों ने उसे कूदते देखा तो शोर मचाया। लेकिन तब तक वह पानी की गहराई में गुम हो गई।

नदी में बाढ़ की वजह से नाविक व गोताखोर बीच धारा में जाने से कतराते रहे। घटना को लेकर पुल के ऊपर राहगीरों की भीड़ लग गई। पुलिस व स्वजन को करीब 12 बजे ग्रामीणों ने घटना की जानकारी दी। इससे पिता व अन्य स्वजन ने पुल पर रखे सामान को देखकर संगीता के कूदने की पहचान की। लेकिन पुलिस तीन बजे तक मौके पर नहीं पहुंची।

इससे स्वजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने पुल पर जाम लगा दिया। हालांकि बाद में वहां पहुंचे कमासिन थाना प्रभारी संतोष ओझा ने ग्रामीणों व स्वजन को एनडीआरएफ टीम बुलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। पिता ने बताया कि उसे घर में किसी ने नहीं डांटा है। बेटी ने खुद उन्हें खाना बनाकर खिलाया है। इसके बाद तबीयत ठीक न होने से वह आराम करने लगे थे।

मां ने बेटी के हाथ में 50 रुपये देखें थे। इससे मां ने कहा था कि वह रुपये पान मसाला खाने को लिए क्या। इसमें बेटी ने रुपये खर्च न करने की बात कही थी। इसके अलावा घर में बेटी से किसी ने कोई बात नहीं कही है। एएसपी शिवराज ने बताया कि एनडीआरएफ टीम को सूचना देकर बुलाया गया है। टीम के आते ही खोजबीन शुरू करा दी जाएगी। पानी का बहाव फतेहपुर जनपद के किशनपुर की ओर है।

पुलिस की नौकरी की कर रही थी तैयारी

पिता ने बताया कि बेटी ने इस बार इंटर की परीक्षा पास बीरा कालेज से पास की थी। इसके बाद उसने स्नातक में एडमिशन कराने से मना कर दिया था। वह पुलिस व अन्य नौकरियों की तैयारी कर रही है। पुलिस भर्ती के साथ उसने होमगार्ड की नौकरी पाने के लिए परीक्षा दी है। लेकिन उसका नाम नहीं आया था। वह तीन बहनों व दो भाइयों में छोटी है। स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।