बांदा में अवैध कफ सीरप के व्यापार में बड़ा सिंडिकेट कर रहा पर्दे के पीछे से काम, सरगना प्रियांशु फरार
बांदा में अवैध कफ सीरप के व्यापार में एक बड़े सिंडिकेट के शामिल होने का खुलासा हुआ है, जिसमें कई ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
अवैध कफ सीरप व्यापार में बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ।
पुलिस फरार सरगना प्रियांशु उर्फ किशन की तलाश में जुटी।
गिरफ्तार रोहित पांडेय के पिता भी मेडिकल एजेंसी चलाते हैं।
जागरण संवाददाता, बांदा। बीते गुरुवार को एसटीएफ द्वारा घोषित गिरोह के सरगना की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच यदि गहराई में जाएगी। तब अवैध कारोबार की कई परतें खुल सकती हैं। इस धंधे में संलिप्त कई नामचीन व्यापारियों के नाम बाहर आ सकते हैं। चर्चा यह भी है कि इसका संचालन एक बड़ा सिंडिकेट कर रहा है। जिसमे पर्दे के पीछे कई चेहरे हैं।
अवैध कफ सीरप भरे मिनी ट्रक के साथ चल रहे कार सवार कस्बा के लखन कालोनी निवासी प्रवीण उर्फ लकी गुप्ता व रामलीला रोड निवासी रोहित पांडेय को भी गिरफ्तार किया था। इसके अलावा भी बिसंडा क्षेत्र के दो लोग गिरफ्तार हुए थे।
गिरोह का सरगना बताए जा रहे कस्बा निवासी प्रियांशु उर्फ किशन अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस आरोपित किशन की गिरफ्तारी करने के प्रयास में पिता से भी पूछताछ कर रही है, लेकिन अभी तक पुलिस को गिरफ्तारी में कोई सफलता मिलती नहीं दिख रही है।
गिरफ्तार आरोपित रोहित पांडेय के पिता एक दशक से अधिक समय से मेडिकल एजेंसी चला रहे हैं। बीते चार-पांच वर्ष पहले पिता के थोक दवाओं के व्यापार में रोहित भी सहयोग करने लगा और दवाओं के व्यापार में सहयोग करते-करते अवैध सीरप की आमदनी देख इस धंधे में रोहित पहुंच गया।
फरार आरोपित प्रांशु उर्फ किशन के पिता दो वर्ष पहले तक सब्जी का खुदरा व्यापार करते रहे है। पुत्र किशन ने पिता का सब्जी का ठेला बंद करा मेडिकल लाइसेंस लिया और इसकी आड़ में ही अवैध कफ सीरप का व्यापार करने लगा। रातों रात रईस बनने की चाह में किशन ने बहुत जल्द इस धंधे में पैर जमा लिया।
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