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    गांव-गांव से चलेंगी मिनी बसें, मई से 11 रूटों पर होगा संचालन; तहसील और जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान

    Updated: Wed, 15 Apr 2026 01:03 PM (IST)

    मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत बांदा जिले में ग्रामीण परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी। मई से 11 चयनित रूटों पर मिनी बसों का संचालन शुरू होगा, ज ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मई से 11 ग्रामीण रूटों पर मिनी बसें चलेंगी।

    2. मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत सुविधा।

    3. ग्रामीणों को शहर, तहसील तक सुगम आवागमन मिलेगा।

    जागरण संवाददाता, बांदा। अब गांवों से शहर और तहसील तक की दूरी जल्द आसान होने वाली है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत जिले में ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। योजना के तहत मिनी बसों का संचालन मई से शुरू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

    इसके लिए परिवहन विभाग को कुल 11 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी जांच जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने 10 अप्रैल को की। विस्तृत समीक्षा के बाद सभी प्रस्तावित रूटों को संचालन के लिए उपयुक्त मानते हुए हरी झंडी दे दी गई है।

    बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और परिवहन निगम के अधिकारी शामिल रहे। समिति ने सभी रूटों की ग्रामीण जरूरतों, आवागमन की स्थिति और वर्तमान परिवहन सुविधा की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावों को मंजूरी दी।

    योजना का उद्देश्य उन गांवों तक नियमित और सुलभ परिवहन सुविधा पहुंचाना है, जहां अभी तक बस सेवा सीमित है या बिल्कुल नहीं है। इसके लागू होने से ग्रामीणों को अब निजी वाहनों या महंगे साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो जाएगी।

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    माना जा रहा है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही मई माह से चयनित 11 रूटों पर मिनी बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआती चरण में बसों का संचालन इस तरह किया जाएगा कि ग्रामीण सुबह जिला मुख्यालय पहुंचकर अपने कार्य निपटाकर शाम तक वापस अपने गांव लौट सकें।

    इन 11 रूटों पर चलेंगी बसें

    बरछा-डडिया-बांदा, महुई-छतैनी-चरका-सांडा-मरका-बांदा, मुड़वारा-मटेहना-बांदा, बेलगवां-इटवां-बांदा, अमेदी-दांदौघाट-बांदा, फतेहगंज-गोरेमऊ-बांदा, बिलहरका-रानीपुर-बांदा, परछा-कारीडांडी-बांदा, फतेहगंज-कालिंजर-बांदा, सिंहपुर-ओरन-बांदा सहित कुल 11 मार्ग तय किए गए हैं।

    इन रूटों के जरिए दर्जनों गांव सीधे ब्लाक, तहसील और जिला मुख्यालय से जुड़ जाएंगे। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच आसान होगी।

    इन गांवों से होकर गुजरेंगी बसें

    बघेलाबारी, रसिन, जबरापुरवा, रानीपुर, बदौसा, नगनेधी, सुरहंडी , महुआ, डिंगवाही, जमनीपुरवा, जोगियन, गुढ़ा, बसराही, गिरवां, गोंडा , अरवारी, भगीरथपुरवा, सांड़ा, खरौली, इंगुवा, पन्नाह, अमिलिहा, भीती, डिफोरा, दलपापुरवा, पवई, बिसंडा, गुरेह, बिलगांव, चिल्ला, पोराई, सहेवा, ओरन समेत दर्जनों गांव। स्थानीय लोगों में इस योजना को लेकर उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से परिवहन सुविधा की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी होती दिख रही है।

    नियमित बस सेवा शुरू होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी, साथ ही गांवों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। परिवहन विभाग के अनुसार, सभी औपचारिकताओं के पूर्ण होते ही मई से इन रूटों पर मिनी बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिससे जिले की ग्रामीण परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

    इन मार्गों पर मिनी बसों का संचालन होने से लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

    -राम लवट, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज बांदा