यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Banda News: जन जागरूकता एवं उपचार शिविर का आयोजन- उलझन, घबराहट, बेचैनी या नींद न आना मानसिक रोग के लक्षण
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहेरी में गुरुवार को मेगा मानसिक स्वास्थ्य जन जागरूकता एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने क ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, अतर्रा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहेरी में गुरुवार को मेगा मानसिक स्वास्थ्य जन जागरूकता एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कहा कि उलझन, घबराहट व बेचैनी हो तो मानसिक रोग हो सकता है। इसका तुरंत इलाज कराएं।
सीएमओ डा.अनिल कुमार श्रीवास्तव व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अजय कुमार ने फीता काटकर शिविर का शुभारंभ किया। सीएमओ ने कहा कि बुखार, खांसी, जुकाम आदि दिखाई देने वाले आम रोग हैं, जबकि मानसिक रोग को पहचान कर उसको काउंसलिंग व उपचार के माध्यम से ठीक किया जा सकता है। साथ ही मानसिक रोग से संबंधित शिविरों का आयोजन प्रत्येक ब्लाक में किया जा रहा है।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. देव तिवारी ने कहा कि किसी को उलझन, घबराहट, बेचैनी या नींद ना आ रही हो तो वह मानसिक रोग से पीड़ित हो सकता है। ऐसे मरीज को मनोरोग चिकित्सक को दिखाना जरूरी है। शिविर में मनोरोग चिकित्सक डा.हरदयाल ने 110 रोगियों का परीक्षण किया, जिसमें 25 मानसिक रोगियों का इलाज हुआ।
अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेन्द्र कुमार मिश्रा ने कहा कि मानसिक रोग से बचाव के लिए सुबह उठकर टहलना योग करना बहुत जरूरी है। अनुपम त्रिपाठी ने पंजीकरण किया। सहायक अशोक कुमार ने पंपलेट बांटकर लोगों को जागरूक किया। सामान्य मरीजों को डा. शिफा व डा. दीपक ने देखा। शिविर में बीपी शुगर की जांच की गई व आशा तथा एएनएम को भी इसकी ट्रेनिंग दी गई।