200 से ज्यादा CCTV खंगाले, फिर मुठभेड़ में दबोचा गया बांदा कोर्ट परिसर से फरार बंदी; पत्नी को लेने के लिए ऑटो से भागा था
बांदा न्यायालय परिसर से फरार 25 हजार का इनामी बंदी संजय उर्फ तन्नु 200 से अधिक सीसीटीवी खंगालने के बाद ...और पढ़ें

HighLights
रस्सी झटक कर भागे बंदी से तिंदवारी थाने के मिरगहनी पुल के पास हुई मुठभेड़ का मामला
25 हजार रुपये का घोषित था इनाम, आटो पकड़कर भागा था पत्नी को लेने गांव
जेल में अन्य बंदियों के जमानत न होने की बात कहने पर बताया भागना
जागरण संवाददाता, बांदा। न्यायालय परिसर से पेशी के दौरान पुलिस से रस्सी झटक कर भागे जिस 25 हजार के इनामी बंदी को मुठभेड़ में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसे 200 से ज्यादा सीसीटीवी खंगालने के बाद सफलता मिली है। न्यायालय के परिसर के पास वह रात होने तक झाड़ियों में छिपा रहा था। बाद में आटो से वह अपने गांव पत्नी को लेने गया था। जहां पत्नी के पुलिस कस्टडी में होने की जानकारी होने पर वह वहां से भाग निकला था। पुलिस ने आरोपित बंदी को जेल भेजने की कार्रवाई की है।
पैलानी कस्बे के खप्टिहाकला गांव निवासी एनडीपीएस एक्ट का आरोपित बंदी संजय उर्फ तन्नु 14 अगस्त की दोपहर पेशी में न्यायालय ले जाने पर दीवार बीर सिंह से रस्सी झटक कर भाग निकला था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही सर्विलांस और अन्य माध्यमों से आरोपित की लोकेशन ट्रेस की।
मुखबिरों का भी सहारा लिया गया था। बाद में उसे तिंदवारी के मिरगहनी गांव के पुल के पास सत्ती दाई देव स्थान के पास से रविवार रात मुठभेड़ में एसओजी प्रभारी आनंद सिंह व तिंदवारी थाना प्रभारी संदीप सिंह, चिल्ला थाना प्रभारी आनंद साहू ने मुठभेड़ में बाएं पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया था। गोली जांच में बंदी के पैर से छूकर निकला पाया गया। पकड़े गए बंदी ने बताया कि वह अपने गांव पत्नी को लेने गया। बाद में वहां से भागकर फतेहपुर जिला पहुंचा। इसके बाद कानपुर गया और फिर इटावा तक पहुंच गया। लगातार जगह बदलकर वह पुलिस की पकड़ से बचने का प्रयास करता रहा था।
आरोपित बंदी अपने एक साथी के साथ सूरत भागने की तैयारी में था। इसके लिए उसे बांदा से असलहा, पैसे, मोबाइल फोन और अन्य जरूरी सामान लेना था। यानी पहले उसका मकसद बांदा से दूर निकलना था और जब उसे लगा कि पुलिस की नजर से बच गया है, तो वापस आकर सामान जुटाकर सूरत भागने की तैयारी थी। इसी बीच वह पकड़ा गया। उसके पास से पुलिस ने कुछ नकदी व तमंचा के साथ कारतूस बरामद किया है।
क्वारंटाइन बैरक होगी बंदी का नया ठिकाना
जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह ने बताया कि बंदी दोबारा पकड़कर लाया गया है। ऐसे में जो भी बंदी नया आता है। उसे क्वारंटाइन बैरक में पहले दस दिनों तक रखा जाता है। मुठभेड़ में पकड़ा गया बंदी का दस दिनों तक ठिकाना यही बैरक होगी।
