दिव्यांग छात्राओं को योगी सरकार देगी मुफ्त ई-ट्राईसाइकिल का तोहफा, ऐसे करें आवेदन
योगी सरकार बुंदेलखंड की दिव्यांग छात्राओं को मुफ्त मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल प्रदान करेगी, जिससे उनकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ
HighLights
दिव्यांग छात्राओं को मुफ्त मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल मिलेगी।
योजना 16+ आयु की बीपीएल छात्राओं के लिए है।
ऑनलाइन आवेदन शुरू, हर विधानसभा से 20 चयन।
जागरण संवाददाता, बांदा। बुंदेलखंड में विकास को गति देते हुए याेगी सरकार ने दिव्यांग छात्राओं मुफ्त मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल देने की घोषणा की है। इससे दिव्यांग छात्राओं को न केवल राह आसान होगी, बल्कि उनके सपनों की उड़ान भरने में मदद मिलेगी।
जिले की दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा और आत्मनिर्भरता का एक अनोखा और अनमोल तोहफा साबित होगा। सरकार अब स्कूल, कॉलेज और तकनीकी ट्रेनिंग सेंटर जाने वाली दिव्यांग छात्राओं को आवागमन की असुविधा से मुक्ति दिलाने के लिए मुफ्त डिजिटल ई-ट्राईसाइकिल वितरित करने जा रही है।
जिले में सदर, तिंदवारी, बबेरू व नरैनी समेत कुल विधानसभा क्षेत्र हैं। प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र से 20-20 स्कूल, कॉलेज और तकनीकी ट्रेनिंग सेंटर जाने वाली दिव्यांग छात्राओं को मोटराइज्ड ई-ट्राईसाईकिल मिलेगी।
वहीं विभाग ने आवेदन प्रक्रिया शुरू करते हुए इनके चिन्हांकन की शुरूआत कर दी गई है। मोटराइज्ड ई-ट्राई साईकिल के मिलने से अब दिव्यांग बेटियों को उनके आवागमन करने समेत सपनों को पूरा करने में गति मिलेगी। परिवहन के साधनों का अभाव या शारीरिक निशक्तता आडे नहीं आएगी। अब शान से आत्मनिर्भर होकर अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सकेंगी।
16 वर्ष से अधिक आयु और बीपीएल परिवारों को मिलेगी वरीयता
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के माध्यम से चलाई जा रही इस योजना में मुख्य रूप से 16 वर्ष से अधिक आयु की उन दिव्यांग छात्राओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जो गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से ताल्लुक रखती हैं।
इसके साथ ही छात्रा का किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होना अनिवार्य है। इस कदम से गरीब और पिछड़े परिवारों की उन मेधावी बेटियों को सबसे बड़ा संबल मिलेगा जो विपरीत परिस्थितियों में भी पढ़ना चाहती हैं।
बेटियों के सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित होगी योजना
जनपदवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस संवेदनशील फैसले का स्वागत किया है। योगी सरकार की यह योजना केवल एक वाहन वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बुंदेलखंड की बेटियों के हौसलों को एक नई उड़ान देने का जरिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के नारे को धरातल पर उतारा है। प्रदेश की हर बेटी की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मुफ्त ई-ट्राईसाइकिल से न सिर्फ छात्राओं का समय बचेगा बल्कि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर देश के निर्माण में अपना योगदान दे सकेंगी।
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कैसे करें आवेदन
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है, ऑनलाइन आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें। आवेदन के लिए मुख्य दस्तावेजों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड, आय/जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और स्कूल या कालेज में अध्ययनरत होने का प्रमाण होना अनिवार्य है। अधिक जानकारी व सहायता के लिए आप विकास भवन स्थित जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
प्रत्येक विधानसभा से 20-20 दिव्यांग छात्राओं का चयन किया जाना है। आवेदन शुरू हो गए हैं, छात्राओं का चिन्हांकन करवाया जा रहा है। बीपीएल परिवार की दिव्यांग छात्राओं को वरीयता दी जाएगी।
सत्येंद्र कुमार, उपनिदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिक बांदा
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