बाराबंकी : अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई ना करने वाले 15 मेडिकल सुपरिटेंडेंट को नोटिस, 21 में सिर्फ 6 CHC ने भेजी रिपोर्ट
बाराबंकी में अवैध अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सकों पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्साधीक्षकों को नोटिस जारी ...और पढ़ें

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HighLights
15 चिकित्साधीक्षकों को अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई में लापरवाही के लिए नोटिस।
सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने रिपोर्ट न भेजने पर स्पष्टीकरण मांगा।
21 में से केवल 6 सीएचसी ने ही अपनी कार्रवाई रिपोर्ट भेजी।
संवाद सूत्र, बाराबंकी। अवैध निजी अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में लापरवाही बरतना 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्साधीक्षकों को भारी पड़ गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रंजन गौतम ने कार्रवाई न करने और रिपोर्ट न भेजने पर सभी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
सीएमओ ने करीब 15 दिन पहले सभी 21 सीएचसी के चिकित्साधीक्षकों को निर्देश दिए थे कि वे अपने नेतृत्व में टीम गठित कर क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित निजी अस्पतालों, अपंजीकृत क्लीनिक और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएं। साथ ही बेसमेंट में संचालित अस्पतालों, आपातकालीन निकास, अग्निशमन व्यवस्था समेत अन्य मानकों की जांच कर नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिदिन की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेजें।
चिकित्सा अधीक्षकों ने अभियान चलाकर अपनी कार्रवाई रिपोर्ट भेजी
शनिवार को समीक्षा में सामने आया कि 21 में से केवल छह चिकित्सा अधीक्षकों ने अभियान चलाकर अपनी कार्रवाई रिपोर्ट भेजी। शेष 15 चिकित्सा अधीक्षकों ने न तो टीम गठित की और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की सूचना उपलब्ध कराई।
इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सीएमओ ने नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. एलबी गुप्ता को 15 चिकित्सा अधीक्षकों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डा. रंजन गौतम ने कहा कि अवैध अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान में किसी भी स्तर की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
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निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
जाटा बरौली सहित पांच अधीक्षक ने नहीं भेजी आडिट रिपोर्ट
जाटा बरौली सहित पांच सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षकों ने आडिट रिपोर्ट नहीं भेजी। इस पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राजीव कुमार को आडिट रिपोर्ट न भेजने वाले सीएचसी अधीक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।