बाराबंकी में थाने में समझौते के दौरान गूंजी किलकारी, गर्भवती ने परिसर में ही दिया 7 माह के बच्चे को जन्म
बाराबंकी के सुबेहा थाने में एक विवाद सुलझाने के दौरान गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसने परिसर में ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
थाने में विवाद सुलझाने के दौरान महिला को प्रसव पीड़ा हुई।
गर्भवती ने थाने परिसर में ही सात माह के बच्चे को जन्म दिया।
मां और नवजात को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया।
संवादसूत्र, बाराबंकी। दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए थाने में पंचायत चल रही थी। इसी दौरान गर्भवती को अचानक प्रसव पीड़ा हुई और जब तक उसको अस्पताल ले जाया जाता परिसर में ही उसने सात माह के नवजात को जन्म दे दिया। मां और नवजात को आनन-फानन सीएचसी हैदरगढ़ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सुबेहा निवासी एक युवती का सुबेहा के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग था। दोनों में अवैध संबंध थे, जिससे युवती गर्भवती हो गई थी। बताया जाता है कि परिवारजन ने कुछ दिन पहले ही गर्भवती युवती की शादी कोठी में कर दी थी। शादी के बाद उसके गर्भवती होने की जानकारी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। बाद में समझौता हुआ कि प्रसव का पूरा खर्च प्रेमी और उसका परिवार उठाएगा।
इसी समझौते को लेकर रविवार को पति, प्रेमी, युवती और दोनों परिवार सुबेहा थाने पहुंचे थे। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों में सुलह हो गई और तय धनराशि का आदान-प्रदान भी हो गया। इसी बीच युवती को तेज प्रसव पीड़ा हुई और उसने परिसर में ही बच्चे को जन्म दे दिया।
हालात गंभीर देख उसे सीएचसी हैदरगढ़ भेजा गया। कोतवाल बेचू सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। सीएचसी प्रभारी डॉ. जय शंकर पांडेय ने बताया कि नवजात सात माह का प्रीमेच्योर है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
