बाराबंकी में खोखले साबित हुए मुफ्त टीबी जांच के दावे, मरीज को थमाया 4000 रुपये की जांच का पर्चा
बाराबंकी में मुफ्त टीबी जांच और इलाज के दावों के बावजूद, एक संदिग्ध महिला मरीज को बाहर से 4000 रुपये ...और पढ़ें

HighLights
संदिग्ध टीबी मरीज को 4000 रुपये की जांच का पर्चा।
मुफ्त बलगम, एक्सरे जांच सुविधा के बावजूद मरीज परेशान।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, बाराबंकी। बलगम की जांच रिपोर्ट दो घंटे में और एआइ एक्सरे मशीन से तत्काल संदिग्ध टीबी रोगी की पहचान की सुविधा के बावजूद रोगी भटकने को विवश हैं। बुधवार को एक संदिग्ध महिला मरीज के साथ हुई घटना इसका ताजा उदाहरण है।
जिसे जिला चिकित्सालय से टीबी चिकित्सालय तक चक्कर काटने के बाद बाहर से जांच और दवाएं लेने का पर्चा थमाया गया। जांच के लिए चार हजार रुपये जमा करने की बात सुनकर महिला आर्थिक तंगी का हवाला देकर घर चली गई।
यह है मामला
नगर पंचायत बंकी के मोहल्ला जीत नगर के रहने वाले अतुल तिवारी अपनी पत्नी पूजा तिवारी को खांसी व बुखार का इलाज कराने बुधवार को जिला चिकित्सालय ले गए। वहां टीबी के लक्षण होने की बात कहकर चिकित्सक ने सीएमओ कार्यालय के बगल स्थित जिला क्षय रोग चिकित्सालय (टीबी क्लीनिक) रेफर किया।

टीबी क्लीनिक में डा. अरुण सिंह गौतम (एमडी चेस्ट एवं टीबी) ने देखा। एक एक्सरे वहीं कराया। इसके बाद टीबी के लक्षण बताते हुए बाहर से कई तरह की जांच कराने के लिए पर्चे पर लिख दिया। दवाएं भी बाहर से ही लेने को लिखा।
अतुल का कहना है कि बाहर से जांच का मूल्य पूछा तो चार हजार रुपये बताया गया। ऐसे में उन्होंने बाहर की दवाओं के दाम भी नहीं पूछे।
एक्सरे व बलगम की जांच के साथ ही अन्य सभी जांच भी निश्शुल्क होती हैं। जो जांच टीबी चिकित्सालय में नहीं होती, वह जिला चिकित्सालय से कराई जाती है। संदिग्ध रोगी पूजा को बाहर से जांच व दवाएं लिखने वाले चिकित्सक से जवाब तलब किया जाएगा।
-डा. राजीव टंडन, जिला क्षय रोग अधिकारी, बाराबंकी
क्षय रोग की स्थिति और विभाग के दावे
जिला क्षय रोग अधिकारी के अनुसार जिले में 7,564 क्षय रोगियों का उपचार चल रहा है। 31 नाट मशीनें और सात हैंडहेल्ड एआइ मशीनों से एक्सरे हो रहा है। नाट मशीनों से दो घंटे अंदर बलगम की जांच रिपोर्ट आ जाती है। वहीं एआइ मशीन से तुरंत चेस्ट टीबी के लक्षण पता चल जाते हैं। टीबी खोज अभियान में तीन एआइ हैंडहेल्ड मशीनें लगाई गई हैं। जबकि एक मशीन जिला मुख्यालय के टीबी अस्पताल, जैदपुरी सीएचसी, बड़ागांव मसौली और जहांगीराबाद सीएचसी पर लगी है।
