लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग को सुरक्षित ट्रैफिक जोन बनाने की तैयारी, पर्यटकों के लिए आसान होगा सफर
लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग को सुरक्षित ट्रैफिक जोन बनाने की तैयारी चल रही है। इस परियोजना का उद्देश्य पर्यटकों के लिए यात्रा ...और पढ़ें

पर्यटकों को लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग पर मिलेगा सुरक्षित ट्रैफिक जोन।
HighLights
लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग बनेगा सुरक्षित ट्रैफिक जोन
पर्यटकों के लिए यात्रा होगी आसान
सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान
नरेन्द्र मिश्र, जागरण, बाराबंकी। लखनऊ से अयोध्या राजमार्ग पर्यटकों की बढ़ती संख्या और स्थानीय वाहनों के बढ़ते दबाव से क्रिटिकल ट्रैफिक एरिया सूची में आ गया है। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने अपने सर्वेक्षण के बाद अब अयोध्या धाम के इस मार्ग को सुरक्षित ट्रैफिक जोन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सर्वेक्षण में सामने आया कि पर्यटक राजधानी लखनऊ से सड़क मार्ग से अयोध्या और फिर वहां वाराणसी, प्रयागराज दर्शन करने जाते हैं। ऐसे में यहां यातायात दबाव अचानक बढ़ गया है और दुर्घटना बहुल स्थलों पर हादसों के अध्ययन में चिंता जताई गई है।
तय यह किया गया कि 124 किलोमीटर सड़क सुरक्षित और सेफ जोन बनाया जाए। पहले चरण में हादसा बहुल स्थलों पर स्थानीय यातायात के आधार पर सुरक्षा उपाय करने के अलावा चार ओवरब्रिज बनाने के स्थल चयनित हो गए हैं।
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर प्रतिदिन करीब 22 हजार वाहनों का आवागमन होता है, जिसमें कार, ट्रक, बस सहित सभी भारी वाहन निकलते हैं। साथ चार प्रमुख आबादी वाले स्थल पर जाम से निपटने को एनएचएआई ने अयोध्या हाईवे पर चार नए फ्लाईओवर का निर्माण कराए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बना ली गई है। फ्लाईओवर बन जाने के बाद दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। साथ ही, राहगीरों का मार्ग सुगम होगा।
सफेदाबाद, सफदरगंज, दादरा और दिलोना गांव के पास फ्लाईओवर बनाने का चयन किया गया है। यह जगह पर दुर्घटना बहुल स्थल क्रिटिकल ट्रैफिक स्थल हैं, ब्लैक स्पाट के रूप में चिह्नित हैं।
सफदरगंज व सफेदाबाद में लोकल ट्रैफिक के हाईवे को पार करने पर्यटक वाहनों को जाम के साथ ही हादसे का अंदेशा रहता। दादरा का दिलोना मोड़ पर रफ्तार जीरो हो जाती और जरा सी चूक से हादसा होना तय है ।
पर्यटक वाहनों के साथ स्थानीय यातायात दबाव के चलते लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर सफेदाबाद, सफदरगंज, दादरा, दिलोना पर फ्लाईओवर बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही। परियोजना का डीपीआर तैयार हो गया है। दिसंबर के अंत तक टेंडर प्रक्रिया शुरू कर कर दी जाएगी। -शरद सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई।
