बाराबंकी में सरयू का जलस्तर घटा, बैराजों से छोड़ा गया दो लाख क्यूसेक पानी, बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बरकरार
बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ प्रभावित गांवों में मुश्किलें बरकरार हैं। राज्यमंत्री ने 1250 पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी और अध ...और पढ़ें

HighLights
सरयू नदी का जलस्तर घटा, पर तटवर्ती गांवों में दुश्वारियां बरकरार।
शारदा-गिरिजा बैराजों से 2.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
राज्यमंत्री ने 1250 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की।
जागरण संवाददाता, बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन तटवर्ती गांवों में मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शारदा व गिरिजा बैराजों से दो लाख 44 हजार क्यूसेक पानी शनिवार को छोड़ा गया है। यह रविवार को जिले में पहुंचेगा।
शनिवार को जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर 105.930 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर नीचे आ गया है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नदी का चेतावनी स्तर 105.070 मीटर तथा उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 107.616 मीटर है। बीते तीन दिनों से जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। पांच गांवों का सड़क संपर्क टूट गया था।
रामसनेही घाट के कोटेदार पुरवा, गोडियनपुरवा, छपटन पुरवा, पाठक पुरवा, लोनियन पुरवा, मास्टर पुरवा, कंगणन पुरवा, सहाई पुरवा व असवा में आबादी प्रभावित है।
हेतमापुर बेलहरी, ललपुरवा, फाजिलपुर, जमका, पूरनपुर, कोडरी, बलईपुर, मदरहा, चौधरीपुरवा और माधवपुरवा गांव में बाढ़ का पानी कम हो रहा है। एडीएम निरंकार सिंह ने बताया कि जलस्तर घट गया है, फिर भी निगरानी जारी है।
बाढ़ के पानी में डूबे परक्यूपाइन
जैन पुरवा, कोरिन पुरवा, मल्लाहन पुरवा, परसादी पुरवा व खुर्दा गांव के निकट बाढ़ का पानी पहुंचा है। तराई के खेतों में पानी पहुंच चुका है। रामनगर के जैन पुरवा से कोरिन पुरवा गांव तक सरयू नदी कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड पंचम से बने दो करोड़ की लागत से बने स्लोप पिच में एयर बैग जिओ बैग सीमेंट तिपाही परक्यूपाइन सरयू नदी के बाढ़ के पानी में डूब गए। जिओ बैग व पक्यूपाइन कटान को रोक नहीं पाए।
1250 बाढ़ प्रभावितों को राज्यमंत्री ने वितरित की राहत सामग्री
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं। बाढ़ राहत केंद्र खजुरी पर खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने टिकरी, गुनौली, ढेमा, कोइलावर तथा जलालपुर के 1,250 बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री वितरित की।
राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मंत्री ने एसडीएम को बाढ़ का नियमित निरीक्षण करने, राहत कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए।
बाढ़ सामग्री लेने गए प्रभावित की बाइक का कट गया चालान
कोइलावर के पप्पू पुत्र सतेंद्र बाइक से बाढ़ राहत केंद्र पर सामग्री लेने पहुंचे थे। बाइक खड़ी करके वितरण लाइन में लग गए। इतने में ही मोबाइल पर बाइक के चालान होने का मैसेज आ गया।
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पीड़ित लाइन से निकल कर मंत्री सतीश शर्मा के पास पहुंचा और पूरी बात बताई। राज्यमंत्री ने टिकैतनगर प्रभारी निरीक्षक को चालान कैसे हुआ, पड़ताल के निर्देश दिए।
लगाई गईं पांच नाव
टिकरी, गुनौली, ढेमा, कोइलावर तथा जलालपुर के पीड़ितों के लिए पांच नाव हैं लेकिन बाढ़ पीड़ितों का आरोप है नाविक पैसा ले रहा है। राम सिंह व लखन ने मंत्री से नाविक शेखर के वसूली की। मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए फटकार लगाई।
संक्रामक रोग फैलने की आशंका
शुक्रवार से जलस्तर कम होने पर गांवों का पानी तेजी के साथ घटने लगा। बाढ़ के दहशत से कई परिवारों ने तटबंध पर शरण लेना शुरू कर दिया। घटते जलस्तर से सुंदरनगर में लोग घरों की ओर लौटे। गंदा पानी जमा होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।