गृहे-गृहे संस्कृतम योजना, यूपी में आंगनबाड़ी से 12वीं तक के बच्चों को सिखाई जाएगी संस्कृत
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान की 'गृहे-गृहे संस्कृतम' योजना के तहत आंगनबाड़ी से 12वीं तक के छात्रों को संस्कृत सिखाई जाएगी।

गृहे-गृहे संस्कृत योजना से विद्यार्थियों को कराया जाएगा संस्कृत ज्ञान।

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जागरण संवाददाता, बाराबंकी। आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर कक्षा 12 तक विद्यार्थियों को अब संस्कृत ज्ञान अर्जित कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा गृहे-गृहे संस्कृतम योजना के तहत 12 दिवसीय सरल संस्कृत भाषा शिक्षण शिविर आयोजित करने की रूपरेखा बनाई है।
योजना में संस्थान द्वारा नियोजित प्रशिक्षक बच्चों को खेल-खेल में संस्कृत भाषा ज्ञान, संस्कृत भाषा में छोटे छोटे वाक्य बनाना सिखाएंगे। यहीं नहीं सुभाषितानि, अंकों का ज्ञान, सामान्यत: प्रयोग में आने वाले शब्दों का ज्ञान कराया जाएगा।
बच्चों को संस्कृत में सामान्य ज्ञान की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। शासन ने सभी जिलों के लिए नोडल प्रशिक्षक भी तैनात किए हैं। जिले में नोडल प्रशिक्षक अंबुज कुमार व सीताकांत मिश्रा को बनाया गया है।
वहीं सहारनपुर, लखनऊ, मिर्जापुर, पीलीभीत, बलिया, सोनभद्र, अमेठी, बहराइच, बांदा, ललितपुर, उन्नाव, हमीरपुर, कानपुर नगर, गोंडा, चित्रकूट, आजमगढ़, लखीमपुरखीरी सहित अन्य जिलों में भी दो-दो नोडल शिक्षक तैनात किए गए हैंं।
नोडल शिक्षक अपने अधीन 12 दिनों के लिए मानदेय पर प्रशिक्षक नामित किए गए हैं। नोडल शिक्षक उनकी मानीटरिंग करेंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक अमिता सिंह ने बताया कि गृहे-गृहे संस्कृतम योजना के तहत जिले के आंगनबाड़ी केंद्र, कक्षा एक से आठ तक के परिषदीय विद्यालयों के अलावा जिले के कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को संस्कृत ज्ञान अर्जित कराया जाएगा। इसके लिए सभी प्रधानाचार्यों को भी दिशा निर्देश दिए गए हैं।
