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    स्वेच्छा से बनाए संबंध तो नहीं माना जाएगा दुष्कर्म: बरेली के इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट का अहम फैसला

    Updated: Tue, 17 Feb 2026 05:29 AM (IST)

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बरेली के एक दुष्कर्म मामले में आरोपी नीरज कुमार व अन्य के खिलाफ केस रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि महिला ने स्वेच्छा से सं ...और पढ़ें

    इलाहाबाद हाई कोर्ट

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    HighLights

    1. बरेली के इज्जतनगर थाने में दर्ज केस में आरोपितों को राहत, पूरी कार्यवाही रद

    विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह कहते हुए कि अगर महिला ने स्वेच्छा से संबंध बनाए हैं तो इसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता, आरोपित नीरज कुमार व अन्य के खिलाफ केस रद कर दिया है। कोर्ट ने कहा, याची ने पीड़िता की कोई फोटो वायरल नहीं की। पीड़िता वाट्सएप चैट में गाइडेंस लेती रही। फोटो वायरल कर ब्लैकमेल करने का आरोप नहीं बनता।

    न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने कहा, अगर महिला ने शुरुआत से ही शादी के वादे को झूठा माना था तो उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई होती, लेकिन एक साल तीन महीने तक ऐसी शिकायत नहीं की। यह इस बात का संकेत है कि उसने स्वेच्छा से संबंध बनाए थे। पीड़िता के बयान में विरोधाभास है।

    पहले उसने कहा है कि आरोपित के साथ संबंध बनाए थे, लेकिन बाद में उसने कहा कि उसने दबाव में आकर संबंध बनाए थे। यह समझना मुश्किल है कि एक विवाहित महिला इतने लंबे समय तक आरोपित के साथ संबंध कैसे बना सकती है, अगर वह वास्तव में दबाव में थी। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के प्रशांत बनाम दिल्ली राज्य 2024 फैसले का हवाला दिया।

    इसमें कहा गया है कि अगर दो लोग लंबे समय तक संबंध बनाते हैं, तो यह समझना मुश्किल है कि एक पक्ष दबाव में था। अदालत ने कहा है कि इस मामले में भी ऐसा ही है। दावों को साबित करने के लिए पर्याप्त सुबूत नहीं हैं। आरोपित के खिलाफ कोई सुबूत नहीं है, जो उसे इस मामले में फंसाता है। वाट्सएप चैटिंग से पता चलता है कि उनके बीच गहरे संबंध थे, जो सिर्फ पढ़ाई के लिए नहीं थे।

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    अपीलार्थियों ने बीएनएसएस की धारा 528 के तहत आवेदन देकर आरोप पत्र, समन आदेश के साथ ही संपूर्ण केस कार्यवाही रद करने की मांग की थी। थाना इज्जतनगर, बरेली में दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। एफआइआर पहली दिसंबर 2024 को दर्ज कराई गई थी। पीड़िता विवाहित है।

    उसका पति सेना में है। अभियोजन कथानक के अनुसार पीसीएस (प्रांतीय सिविल सेवा) परीक्षा की तैयारी के दौरान, उसकी मित्र ने उसे अपने भाई से मिलवाया, जिसने जन्मदिन की पार्टी के लिए होटल में बुलाया और दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो और तस्वीरें रिकार्ड कीं। फिर यह धमकी देकर कि वीडियो वायरल कर दोबारा होटल बुलाया और दुष्कर्म किया।

    इसके बाद दो बार फिर ऐसी घटना हुई। आरोपित है कि बाद में नीरज के चचेरे भाई ने भी यौन संबंध बनाने की मांग की, लेकिन जब पीड़िता ने ऐसा नहीं किया तो उसने उसकी वीडियो तस्वीरें परिवार को भेज दी।


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