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बरेली में 150 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, पार्षद की शिकायत के बाद गिराया गया अवैध निर्माण

Published: Wed, 02 Sep 2026 06:21 PM (IST)

बरेली में नगर निगम की 150 वर्गमीटर से अधिक भूमि पर बने अवैध इमामबाड़े को ध्वस्त कर दिया गया। यह ...और पढ़ें

निगम की भूमि पर बने झोपड़ी को ध्वस्त करता निगम का बैकहोलोडर। जागरण

निगम की भूमि पर बने झोपड़ी को ध्वस्त करता निगम का बैकहोलोडर। जागरण

HighLights

  1. खलिहान खाते में दर्ज भूमि पर 25 साल से था अवैध कब्जा, ढाई करोड़ आंकी गई भूमि की कीमत

  2. 20 दिन पहले नोटिस देने के बाद भी कब्जे नहीं हटने पर निगम के दो बैकहोलोडर से की कार्रवाई

जागरण संवाददाता, बरेली। शहर के नैनीताल रोड स्थित नगरिया परीक्षित में सरकारी भूमि पर बने इमामबाड़ा समेत 12 अवैध कब्जे निगम ने बैकहोलोहर (बुलडोजर) चलाकर जमींदोज कर दिया। एक बीघे से अधिक क्षेत्रफल में खलिहान के रूप में दर्ज भूमि पर 25 साल से अधिक समय से अवैध कब्जा था।

स्थानीय पार्षद और पूर्व उपसभापति महेश राजपूत की शिकायत पर नगर निगम निर्माण व प्रवर्तन दल ने संयुक्त रूप से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। निगम की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में तमाशबीन जुटे रहे, जिन्हें तितर-बितर करने के लिए प्रवर्तन दल और स्थानीय पुलिस ने कई बार डंडा भी फटकारा।

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नगर निगम क्षेत्र के वार्ड-51 नगरिया परीक्षित के पार्षद और पूर्व उपसभापति महेश राजपूत ने नगर निगम बोर्ड और शासन स्तर पर क्षेत्र के काशीराम आवास के सामने निगम की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत की थी।

बताया कि निगम की भूमि पर इमामबाड़ा, दुकान व झोपड़ी आदि बनाकर कब्जा कर लिया गया है। शिकायत में बताया कि लंबे समय से सरकारी भूमि पर कब्जे को हटाने के लिए जिम्मेदार कोई पहल नहीं कर रहे।

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इसके बाद नगर निगम बोर्ड ने अतिक्रमण हटाने की संस्तुति की। बोर्ड की स्वीकृति के बाद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने निर्माण और राजस्व विभाग के जरिए विस्तृत जांच कराई।

जांच में सामने आया कि, नगर निगम की गाटा संख्या-02, 03, 04 जिनका क्षेत्रफल 2/0.013 हेक्टेयर और 3/0.013 हेक्टेयर और 4/0.481 हेक्टेयर कुल क्षेत्रफल 0.624 हेक्टेयर है, जिसकी वर्तमान मूल्य लगभग ढाई करोड़ है।

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जांच रिपोर्ट में बताया गया कि, भूमि खलिहान खाते में अंकित है जो नगर निगम की भूमि है, जहां पर 12 कब्जेदारों द्वारा नगर निगम की भूमि पर अवैध रूप से दुकान, कच्चे मकान और आदि का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया गया था।

नगर आयुक्त के अनुसार अतिक्रमण को स्वयं से हटाने के लिए कब्जेदारों को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था, जिसके विरुद्ध बुधवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।


नगर निगम की भूमि पर इमामबाड़ा, दुकान और अन्य निर्माण कर अवैध कब्जा किया गया था। क्षेत्र के लोगों की मांग पर नगर निगम बोर्ड और शासन स्तर पर इसकी शिकायत की गई थी।

- महेश राजपूत, पार्षद और पूर्व उपसभापति

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