दौड़ में हर कदम का हिसाब... RFID चिप से हो रही बरेली होमगार्ड भर्ती परीक्षा, जरा सी चूक और फेल
बरेली में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में पहली बार RFID चिप का उपयोग किया जा रहा है, जो ...और पढ़ें

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HighLights
शारीरिक दक्षता परीक्षा में चिप का हो रहा उपयोग, ट्रैक पर कदम रखते ही शुरू हो जाती काउंटिंग
रजनेश सक्सेना, बरेली। होमगार्ड बनना अब पहले की तरह आसान नहीं रह गया है। हाल ही में भत्ते में वृद्धि के बाद भर्ती प्रक्रिया में सख्ती बरती जा रही है। पहली बार होमगार्ड के लिए लिखित परीक्षा के साथ-साथ शारीरिक परीक्षा भी अनिवार्य की गई है। शारीरिक दक्षता परीक्षा में अभ्यर्थियों के पैर में रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) बांधी जा रही है, जो उनके हर कदम की निगरानी करती है।
यह चिप दौड़ का समय, चक्कर और कुल दूरी रिकार्ड करती है, जिसके आधार पर यह तय होता है कि अभ्यर्थी होमगार्ड बनने के लिए योग्य है या नहीं। निर्धारित समय में दौड़ पूरी न करने वाले अभ्यर्थियों को असफल माना जाता है।
जिले में होमगार्ड की शारीरिक दक्षता परीक्षा स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित की जा रही है। यह परीक्षा 16 सितंबर से शुरू होकर 22 सितंबर तक चलेगी, जिसमें कुल 7,800 अभ्यर्थियों को शामिल होना है।
परीक्षा के नोडल अधिकारी एसपी ट्रैफिक अकमल खान के अनुसार, दौड़ से पहले अभ्यर्थियों का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाता है, जिसमें फोटो और आइरिस स्कैनिंग शामिल है।
इसके बाद उन्हें दौड़ के लिए आगे भेजा जाता है। मैदान में पहुंचने पर सभी के पैरों में आरएफआइडी चिप बांधी जाती है और उन्हें एक बिब पहनाई जाती है, जिस पर चेस्ट नंबर होता है।
मैदान में बिछाई मैगनेटिक मैट
मैदान में स्टार्टिंग प्वाइंट पर एक मैगनेटिक मैट बिछाई जाती है। जैसे ही अभ्यर्थी उस मैट पर कदम रखता है, आरएफआइडी चिप उसे रीड करती है और कंप्यूटर में समय और चक्कर जोड़ देती है।
पुरुषों को 4800 मीटर 28 मिनट में और महिलाओं को 2400 मीटर 16 मिनट में दौड़ना होता है। स्पोर्ट्स स्टेडियम की गोलाई 400 मीटर है। इसलिए पुरुषों को 12 चक्कर और महिलाओं को 6 चक्कर पूरे करने होते हैं। यह सब सेंसर की मदद से काउंट किया जाता है।
