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बरेली में बंदरों के आतंक से मिलेगी राहत! 9 महीने बाद फि‍र शुरू होगा अभियान, 825 रुपये प्रति बंदर तय

Published: Tue, 22 Sep 2026 03:00 AM (IST)

बरेली नगर निगम नौ महीने बाद फिर से बंदर पकड़ने का अभियान शुरू करेगा। जावेद कांट्रेक्टर को 825 रुपये प्रति ...और पढ़ें

रेलवे स्टेशन पर बंदर और यूनीपोल से तारके सहारे जाते बंदर। जागरण

रेलवे स्टेशन पर बंदर और यूनीपोल से तारके सहारे जाते बंदर। जागरण

HighLights

  1. रामपुर गार्डन, डीडीपुरम, बिहारीपुर समेत 50 से अधिक वार्डों में है उत्पात, चलेगा अभियान

  2. अगस्त में शासन ने पूरे प्रदेश के निकायों के लिए शासनादेश जारी कर दिए थे निर्देश

जागरण संवाददाता, बरेली। शहरवासियों के लिए सुकून भरी खबर यह है कि नौ माह बाद नगर निगम फिर बंदरों को पकड़ेगा। बंदर पकड़ने के लिए चौथी बार निकाली गई निविदा (टेंडर) पूरी कर ली गई है। इस बार जावेद कांट्रेक्टर को यह जिम्मेदारी दी गई है। कार्यदायी संस्था को निगम 825 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से भुगतान करेगा।

औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हफ्ते भर में काम शुरू कर दिया जाएगा। कंपनी इन बंदरों को पीलीभीत और शाहजहांपुर के जंगलों में छोड़ा जाएगा।

नगर निगम क्षेत्र के सिविल लाइंस, ग्रीन पार्क, गांधी उद्यान, शास्त्री नगर, संजय नगर, माडल टाउन समेत अन्य क्षेत्र में बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ रहा है। उत्पाती बंदरों पकड़ने के लिए नगर निगम बोर्ड की बैठकों में भी खूब हंगामा होता रहा है।

रेलवे स्टेशन पर बंदर। जागरण

आमजन की समस्या गंभीर होता देख नगर निगम की ओर से निकाली गई निविदा प्रक्रिया आखिरकार सोमवार को तीन बार की नाकामी के बाद आगे बढ़ गई। लगातार तीन बार किसी फर्म के बोली नहीं लगाने से अटकी प्रक्रिया में चौथी बार पांच फर्मों ने रुचि दिखाई।

तकनीकी परीक्षण के बाद दो फर्में पात्र पाई गईं और उनकी वित्तीय बोली भी खोल दी गई। इसमें जावेद कांट्रेक्टर की 825 रुपये की न्यूनतम दर प्राप्त हुई। पशु कल्याण अधिकारी डा. हरपाल सिंह ने बताया कि चौथी बार ई-निविदा आमंत्रित की गई।

इस बार पांच फर्मों ने बोली लगाई। तकनीकी जांच में मैसर्स एके कांट्रेक्टर, मैसर्स प्रज्ञा कांट्रेक्टर एंड सप्लायर और पावर मसल्स न्यूट्रिशन स्पोर्ट्स की निविदाएं तकनीकी रूप से अर्ह नहीं पाई गईं।

मैसर्स जावेद कांट्रेक्टर और मैसर्स इमरान कांट्रेक्टर को तकनीकी रूप से पात्र माना गया। इसके बाद दोनों पात्र फर्मों की वित्तीय बोलियां खोली गईं। इनमें जावेद कांट्रेक्टर की न्यूनतम दर 825 रुपये प्राप्त हुई।

अब एक सप्ताह के अंदर कार्यादेश जारी कर बंदरों को पकड़ने का काम शुरु कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जनवरी के बाद बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग को आदेश मिलने का हवाला देते हुए निगम ने कार्रवाई को रोक दिया था।

इसके बाद अगस्त में शासन ने पूरे प्रदेश के निकायों के लिए फिर से शासनादेश जारी कर निगम को ही बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी दी। इसके बाद निगम ने निविदा आमंत्रित की।

बता दें उत्पाती बंदरों ने पूरे शहर के लोगों को परेशान कर रखा है, लेकिन बिहारीपुर, ग्रीन पार्क, आलमगिरिगंज, रामपुर गार्डन, डीडीपुरम, बड़ा बाजार, शाहूकारा, मढ़ीनाथ, सुभाषनगर, किला, शास्त्रीनगर, पवन विहार समेत 50 से अधिक वार्डों में इनका उत्पात अधिक है। अब बंदरों के पकड़े जाने से इन क्षेत्र के लोगों को सबसे अधिक राहत मिलेगी।

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