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    10 हजार वर्ग मीटर जमीन और 200 अवैध मकान: बरेली में रेलवे की कीमती जमीन खाली कराने की दोबारा तैयारी

    Updated: Sat, 07 Feb 2026 01:23 AM (IST)

    बरेली में इज्जतनगर स्टेशन और शहदाना के बीच 35 साल से निष्प्रयोज्य पड़ी रेलवे लाइन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई। रेलवे ने 10 हजार वर्ग मीटर भूमि प ...और पढ़ें

    रेलवे ने अपनी जमीन लिया कब्जा सड़क किनारे लगायी निष्प्रयोज्य रेल पटरी। जागरण

    रेलवे ने अपनी जमीन लिया कब्जा सड़क किनारे लगायी निष्प्रयोज्य रेल पटरी। जागरण

    HighLights

    1. प्रशासन से एक दिन ही अनुमति मिलने पर पांच सौ मीटर ही कब्जा हटा सकी थी टीम

    2. वर्षों पुरानी निष्प्रयोज्य पड़ी रेलवे लाइन के किनारे 200 भवन स्वामियों का मिला अतिक्रमण

    जागरण संवाददाता, बरेली। इज्जतनगर स्टेशन और शहदाना के बीच वर्षों से निष्प्रयोज्य पड़ी पूर्वोत्तर रेलवे की मीटर गेज रेललाइन के किनारे लोगों ने पक्के अतिक्रमण कर लिए हैं ।रेलवे की टीम ने मंगलवार को करीब पांच सौ मीटर तक दोनों ओर भवन मालिकों के कब्जों को हटाने की कार्रवाई की थी।

    बुधवार को पुरानी पटरी के खंभे बनाकर दोनों ओर उसकी बैरिकेडिंग भी करा दी गई है। अब आगे की कार्रवाई के लिए रेलवे के अधिकारियों ने प्रशासन से फिर से सहयोग मांगा है। इज्जतनगर स्टेशन-शाहदाना के बीच 2.65 किलोमीटर लंबी यह रेललाइन लगभग 35 वर्षों से निष्प्रयोज्य पड़ी हुई है। इसका अधिकांश हिस्सा बारादरी और प्रेमनगर थाना क्षेत्र में आता है।

    ट्रैक का लंबे समय से इस्तेमाल न होने का फायदा उठाकर आसपास के भवन स्वामियों ने रेलवे की जमीन पर 10 से 15 फीट तक पक्का निर्माण कर लिया। कहीं बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई, तो कहीं गेट, चबूतरे और सीढ़ियां बनाकर रेलवे भूमि को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल किया जाने लगा।

    रेलवे द्वारा कराए गए सर्वे में सामने आया कि करीब 200 भवन स्वामियों के मकानों के हिस्से रेलवे की भूमि पर बने हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में लगभग 10 हजार वर्ग मीटर भूमि पर कब्जे पाए गए। इन्हें हटाने के लिए मंगलवार को बुलडोजर चलाया गया था। करीब सात घंटे तक चली इस कार्रवाई में प्रेमनगर क्रासिंग से पहले मंदिर तक अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज गति से पूरी की गई।

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    बुधवार को रेलवे की टीम ने शहदाना से इज्जतनगर स्टेशन की ओर करीब पांच सौ मीटर तक पुरानी पटरी के खंभे लगाकर बैरिकेडिंग लगा दी गई, ताकि वहां दोबारा कब्जा न हो सके। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन से सहयोग के लिए एक दिन ही अनुमति मिली थी। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए फिर से सहयोग मांगा गया है।


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