विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

650 करोड़ का बरेली-सितारगंज हाईवे प्रोजेक्ट अटका, इस एक गांव की जि‍द ने बढ़ाई सरकार की टेंशन

Published: Sun, 14 Jun 2026 06:19 AM (IST)

650 करोड़ रुपये की बरेली-सितारगंज हाईवे परियोजना फरीदापुर गंगा नवादा गांव के कारण अटक गई है। ग्रामीण मकान बनाकर देने ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

HighLights

  1. मार्ग में आ रहे मकानों का मुआवजा दे चुका एनएचएआइ

  2. राजस्व विभाग ने प्रभावित हो रहे लोगों को दी है जमीन

जागरण संवाददाता, बरेली। सड़क मार्ग से बरेली से उत्तराखंड तक सीधे जुड़ाव के लिए निर्माणाधीन बरेली-सितारगंज हाईवे में फरीदापुर गंगा नवादा गांव बाधक बन गया है। महावट जाति के लोगों को यहां के जमींदारों ने बसाया था। अधिकांश लोगों को सरकारी आवास मिले हुए हैं।

सर्वे के दौरान जिला प्रशासन ने मूल्यांकन कराकर दूसरी जगह जमीन उपलब्ध करा दी थी। अब भवन का निर्माण कराकर दिए जाने की मांग उठने लगी है। पहले प्रशासन मूल्यांकन करा चुका है, इसलिए दोबारा इसमें संशोधन हो पाने की उम्मीद कम दिख रही है।

650 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को दो हिस्सों में बांटकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। बरेली से पीलीभीत तक 32.50 किमी. के एरिया में तीन बाइपास रिठौरा, नवाबंज-हाफिजगंज और जहानाबाद बनाए जा रहे हैं। जबकि पीलीभीत-सितारगंज के बीच 38.30 किमी. के एरिया में छह बाइपास बनवाए जा रहे हैं।

इसका फायदा यह मिलेगा कि मालवाहक वाहन कहीं जाम में नहीं फंसेंगे। कुछ घंटों में खराब होने वाला कच्चा माल भी समय से गंतव्य तक पहुंच सकेगा। बरेली से पीलीभीत के बीच निर्माण कार्य तो तेजी से चल रहा है, लेकिन फरीदापुर गंगा नवादा बड़ा अवरोध बना हुआ है।

मार्ग में महावट जाति के लोगों के आवास आ रहे हैं, जिनका निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना से मिले धन से कराया गया है। वर्षों पहले इन्हें गांव के जमींदारों ने बसाया था, इसलिए इनके पास और कहीं जमीन भी उपलब्ध नहीं है।

सर्वे के दौरान राजस्व विभाग ने इनके मकानों का मूल्यांकन कराया था, बताया गया था कि इन्हें मकान बनवाने के लिए मुआवजे की धनराशि दी जाएगी और दूसरी जगह जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। बताया जा रहा है कि कुछ ग्रामीणों के खातों में मुआवजे की धनराशि पहुंच चुकी है, इसके बाद भी जगह खाली नहीं कर रहे हैं।

उनकी मांग है कि मकान का निर्माण कराकर दिया जाए। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक नवरत्न का कहना है कि राजस्व विभाग के आंकलन के अनुसार मुआवजा की धनराशि दी जा चुकी है। एनएचएआइ अब इस परियोजना में कोई परिवर्तन नहीं कर सकती।

इस संबंध में नवाबगंज के उप जिलाधिकारी उदित पवार का कहना है कि हाईवे में जिनके मकान आ रहे हैं उन्हें दूसरे स्थान पर जगह उपलब्ध करा दी गई है। अधिकांश लोगों को मुआवजा भी दे दिया गया है। जल्द ही उन्हें शिफ्ट कराने के प्रयास किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें- बरेली को 'रुद्रावनम' देने वाले IAS मनिकंडन अचानक हटाए गए, दंगाइयों के अवैध निर्माण पर चलाया था बुलडोजर

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।