गोवा, नैनीताल और मसूरी भी पड़े फीके! UP का वो शहर जो अचानक बना पर्यटकों की पहली पसंद, 2025 में तोड़े पर्यटन के सारे पुराने रिकॉर्ड
बरेली एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है, जहाँ नाथ कॉरिडोर, होमस्टे और अहिच्छत्र जैन मंदिर व मनौना धाम जैसे धार्मिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित ...और पढ़ें

तपेश्वरनाथ मढ़ीनाथ द्वार
HighLights
नैनीताल, पीटीआर घूमने वाले सैलानियों का भी बढ़ा ठहराव
2025 में पर्यटकों की संख्या बढ़कर 1.28 करोड़ तक पहुंची
अहिच्छत्र जैन मंदिर, मनौना धाम भी आकर्षण का बना केंद्र
जागरण संवाददाता, बरेली। स्मार्ट सिटी बन चुकी नाथ नगरी की तस्वीर बदल रही है। सात नाथ मंदिरों को आपस में जोड़ने के लिए नाथ कारिडोर विकसित किया जा रहा है। पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से परिचित कराने के लिए होमस्टे बनाए जा रहे हैं। अहिच्छत्र जैन मंदिर, मनौना धाम, लीलौर झील भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
आंकड़े बता रहे हैं कि पर्यटकों को नैनीताल, गोवा और मसूरी से ज्यादा बरेली भा रहा है। वर्ष 2025 में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंच गई। इनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। आसपास के पर्यटक स्थलों पर जाने वाले सैलानियों का भी यहां ठहराव बढ़ा है। इस साल पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कराया जा रहा है। शहर के अलावा ग्रामीण अंचल के प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का कायाकल्प कराकर छोटे-छोटे पर्यटन स्थल तैयार किए जा रहे हैं। कांवड़यात्रा में शिवभक्तों की भीड़ बढ़ी है, पिछली साल 20 लाख कांवड़ियों के निकलने का आंकलन किया गया है।
मनौना के आंवला धाम में प्रतिदिन 10 हजार तक श्रद्धालु पहुंच रही हैं, सालभर में यह संख्या 36 लाख तक पहुंच गई है। आला हजरत के सालाना उर्स और खानकाहे नियाजिया के सालाना उर्स समेत सालभर में आने वाले जायरीनों की संख्या 10 लाख से अधिक रही है। रामनगर स्थित अहिच्छत्र जैन मंदिर में भी पांच लाख तक श्रद्धालु पहुंचे हैं।
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नैनीताल, पीटीआर जाने वाले पर्यटकों का शहर में ठहराव बढ़ा है। वजह, कई अच्छे होटल बन चुके हैं। अब स्थानीय संस्कृति से लबरेज होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 2023 में 81,56,673 देशी और 911 विदेशी पर्यटक पहुंचे थे।

2024 में 99,13,182 देशी और 1120 विदेशी जबकि 2025 में पर्यटकों की संख्या बढ़कर 1,00,27,544 देशी और 1056 विदेशी तक पहुंच गई। एक दशक पहले तक बरेली की गिनती प्रदेश के सर्वाधिक संवेदनशील जिलों में हो रही थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सत्ता संभालते ही शहर में नाथ कारिडोर विकसित कराने की परियोजना को मंजूरी देकर माहौल बदलने की शुरूआत कर दी।
आस्था के केंद्रों को भव्य बनाने, आवागमन और ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के कार्य आरंभ करा दिया। सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी शिकंजा कसा गया। माहौल बदला तो पर्यटकों के आने और ठहरने वालों की संख्या भी बढ़ने लगी।
प्रमुख पर्यटक स्थलों पर पहुंचने वाले सैलानियों की बात करें तो गोवा में 2025 में पहुंचाने वाले पर्यटकों की संख्या 1.1 करोड़ रही है।
इनमें पांच लाख से ज्यादा विदेशी सैलानी पहुंचे हैं। उत्तराखंड में वर्ष 2025 में 6.03 करोड़ पर्यटक पहुंचे हैं। इनमें विदेशी सैलानियों की संख्या 1.92 लाख रही है। नैनीताल में रात्रि विश्राम करने वाले पर्यटकों की संख्या 13 लाख से अधिक जबकि कुल पर्यटकों की संख्या 20 लाख से अधिक रही है।

हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक धार्मिक पर्यटक पहुंचे हैं। देहरादून में 67 लाख 35 हजार 71 और टिहरी में 53 लाख 29 हजार 759 सैलानी आए हैं। मसूरी पहुंचने वाले पर्यटकों का अलग से आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन 2022 में 11 लाख और 2024 में 21 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे थे।
इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि 2025 में मसूरी पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या 25 लाख से अधिक होगी। उप निदेशक पर्यटन रवींद्र कुमार का कहना है कि 2025 में जिले में पर्यटकों की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।