Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बरेली-सीतापुर नेशनल हाईवे की डिजाइन पर उठे सवाल, आबादी में डिवाइडर और रम्बल स्ट्रिप की बताई गई कमी

    Updated: Fri, 13 Mar 2026 02:09 PM (IST)

    शाहजहांपुर में रोडवेज बस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत के बाद बरेली-सीतापुर नेशनल हाईवे की डिजाइन पर सवाल उठे हैं। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. शाहजहांपुर दुर्घटना में तीन लोगों की दुखद मौत।

    2. बरेली-सीतापुर हाईवे की डिजाइन पर उठे सवाल।

    3. कोहरा, पशु, तेज गति दुर्घटना के मुख्य कारण।

    जागरण संवाददाता, बरेली। शाहजहांपुर में दो दिन पहले रोडवेज बस और कार के बीच हुई दुर्घटना में तीन लोगों की जान चली गई थी। परिवहन विभाग और परिवहन निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कारण तलाशा। निगम के अधिकारियों ने जहां कोहरे को कारण बताया, वहीं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सड़क की डिजाइन पर सवाल खड़े किए हैं।

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दो साल पहले बरेली-सीतापुर नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण कराया है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लाइट लगवाकर सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जा रहे हैं। तमाम सतर्कता बरतने के बाद भी सप्ताहभर में इस हाईवे पर दो दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

    बरेली डिपो की बस से दुर्घटना होने पर क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी, एआरएम संजीव कुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। कारणों की छानबीन की गई तो पाया गया कि कोहरा और धुंध के बीच अचानक हाईवे पर निराश्रित पशु आ जाने के कारण दुर्घटना हुई।

    परिवहन विभाग से उप आयुक्त कमल प्रसाद गुप्ता, आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा भी मौके पर पहुंचे। मौके के हालात का जायजा लेने पर रोड की डिजाइन पर सवाल खड़ा किया है। दुर्घटना के मूल कारण में बस की गति अधिक होने और ओवरटेकिंग को माना है। अगर बस चालक अपनी साइड में चलता रहता तो शायद दुर्घटना नहीं होती।

    खबरें और भी

    वहीं, नेशनल हाईवे पर मानक के अनुरूप डिवाइडर, रम्बल स्ट्रिप न होने को भी कारण माना गया है। आरटीओ का कहना है कि नेशनल हाईवे की संरचना ऐसी होनी चाहिए जिसमें निराश्रित पशुओं के अचानक हाईवे पर पहुंचने की गुंजाइश न रहे।

    उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। कुछ दिनों पहले परिवहन विभाग की टीम ने निर्माणाधीन बरेली-पीलीभीत हाईवे का जायजा लिया था। तब भी कमियां मिली थीं। कुछ स्थानों पर बिना पेड़ और पोल हटवाए ही निर्माण कराया जा रहा था।

    इस संबंध में परियोजना निदेशक एनएचएआई नवरत्न का कहना है कि बरेली-सीतापुर हाईवे का चौड़ीकरण कराया जा चुका है। जहां कमियां मिल रही हैं उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है।

    बरेली-पीलीभीत हाईवे का चौड़ीकरण का काम चल रहा है, इस पर मानकों के अनुरूप ही कार्य कराया जा रहा है। जहां भी अवरोध आ रहे हैं उन्हें संबंधित विभाग से हटवाया जा रहा है।