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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कलेक्टर बन गई तो जश्न मनाने लगे गांव वाले, अचानक बेटी ने कह दी ऐसी बात… अचंभे में पड़ी पुलिस

    Updated: Fri, 25 Apr 2025 09:07 AM (IST)

    यूपीएससी में सफलता की खबर से रुद्रपुर गांव में जश्न का माहौल था लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं रही। सरवन कुमारी को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ ...और पढ़ें

    यूपीएससी में चयन हुआ सृष्टि का, बधाई लेती रहीं सरवन कुमारी। सांकेतिक तस्वीर
    यूपीएससी में चयन हुआ सृष्टि का, बधाई लेती रहीं सरवन कुमारी। सांकेतिक तस्वीर

    जागरण संवाददाता, बरेली। यूपीएससी में चयनित होकर रुद्रपुर गांव का नाम रौनक कर दिया… ऐसे बधाई संदेशों के साथ मंगलवार देर रात तक मुंह मीठा करने वाली सरवन कुमारी की कहानी अचंभित करने वाली है। 

    परीक्षा में सरवन कुमारी नहीं, बल्कि सृष्टि चयनित हुईं थीं। यह जानकारी सरवन को थी, फिर भी वह सृष्टि के नाम से बधाई संदेश स्वीकारती रहीं। कुछ नेता पुष्पगुच्छ लेकर पहुंचे तब भी कुछ नहीं बोलीं। 

    अगली शाम पुलिस अधिकारी पहुंचने वाले थे। इससे पहले वह खुद थाने पहुंच गईं। उन्होंने पत्र देकर कहा कि मेरे नाम का संदर्भ देकर किसी ने दूसरा रोल नंबर वायरल कर दिया था। यह कहकर वह लौट गईं मगर, कई प्रश्न अनुत्तरित रह गए। 

    यह है पूरा मामला

    मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक रोल नंबर जारी हुआ। इसके सामने सृष्टि नाम लिखा था। रुद्रपुर गांव के कुछ लोगों का कहना है कि उक्त रोल नंबर को अपना बताते हुए सरवन कुमारी ने यूपीएससी में चयन की बात कही। 

    इसी आधार पर कुछ लोग उन्हें सृष्टि कहकर बधाई दे रहे तो कुछ ने नाम पर गौर नहीं किया और मिठाई बांटने लगे। पंचायत सहायक सरवन कुमारी भी सभी के बधाई संदेश स्वीकारती रहीं। उन्होंने किसी से नहीं कहा कि उनका नाम सृष्टि नहीं है। 

    इससे इतर, कुछ लोगों को अपनी संघर्ष गाथा भी सुनाई कि नौकरी करते हुए यूपीएससी की तैयारी करती रहीं। इसके लिए कोचिंग नहीं ली बल्कि ऑनलाइन कंटेंट का सहारा लिया। 

    बुधवार सुबह तक गांव में जश्न का माहौल था कि अपने यहां की बेटी कलेक्टर बनेगी। शाम को अचानक सरवन कुमारी थाने पहुंची। उन्होंने लिखित बयान दिया कि यूपीएससी की परीक्षा में बैठी थीं मगर चयन नहीं हुआ। 

    किसी ने दूसरा रोल नंबर (एडमिट कार्ड) सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जो किसी सृष्टि का है। वह सरवन कुमारी हैं, सृष्टि नहीं। 

    बिना सवालों के जवाब दिए लौटी सरवन

    पुलिस ने सवाल किया कि यदि आपका चयन नहीं हुआ तो बधाइयां स्वीकारते समय मना क्यों नहीं किया? यदि आपका नाम सृष्टि नहीं था, तब बधाई देने आए लोगों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी? चयनित सृष्टि कौन हैं? उनके स्थान पर कोई आपके घर का पता क्यों वायरल कर देगा? 

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    ऐसे कई प्रश्नों के उत्तर दिए बिना सरवन कुमारी घर लौट गईं। गुरुवार को भमोरा के थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि वह भी बधाई देने के लिए जाने वाले थे मगर, इससे पहले भ्रामक सूचना वायरल होने की जानकारी मिल गई। सरवन कुमारी ने पत्र देकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। इस संबंध में वार्ता के लिए सरवन कुमारी का फोन नंबर लगाया मगर, बंद था।

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