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तमिलनाडु डकैती से लेकर 58 किलो सोना गलाने तक... बरेली के सराफा बाजार में फिर क्यों हुई DRI की छापेमारी?

Published: Sun, 16 Aug 2026 02:28 PM (IST)Updated: Sun, 16 Aug 2026 02:30 PM (IST)

डीआरआई ने बरेली के व्यवसायी गणेश सावंत को 58 किलो सोना गलाने के मामले में पूछताछ के लिए दिल्ली ले ...और पढ़ें

बरेली का सराफा बाजार

बरेली का सराफा बाजार

HighLights

  1. शहर के साहूकारा व आलमगीरीगंज में स्थित है बड़ा सराफा बाजार

जागरण संवाददाता, बरेली। साहूकारा बाजार में बीते मंगलवार शाम को हुई छापेमारी के बाद व्यवसायी गणेश सावंत को डीआरआइ की टीम अपने साथ दिल्ली ले गई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं एक वर्ष पहले भी व्यवसायी के प्रतिष्ठान पर जांच हो चुकी है। ऐसे में लोग इसे पुराने मामले से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल व्यवसायी को अपने साथ ले जाने के बाद स्वजन परेशान हैं। वहीं अन्य व्यवसायी भी इस मामले से सकते में हैं।

जिले में सराफा बाजार में बाहर कई किलो सोना गलाने के आरोप में डीआरआइ की टीम ने पहले भी कार्रवाई की है। अलग-अलग मामलों में करीब 58 किलोग्राम सोना गलाने के मामले में बीते 12 वर्षों से पुलिस, एसटीएफ व डीआरआइ की टीम कार्रवाई कर रही है।

जागरण में 25 फरवरी 2021 को पांच करोड़ के सोने के साथ पकड़े गए सराफ ने दिल्ली में खोला बड़ा राज हेडिंग के साथ प्रकाशित की थी। इस खबर में भी डीआरआइ की कार्रवाई को लिखा गया है। खबर के अनुसार, इस मामले में दिल्ली के करोलबाग क्षेत्र में डायरेक्टोरेट आफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआइ) ने बरेली के दो सराफा कारोबारियों को करीब पांच करोड़ रुपये के 10 किलो सोने के साथ पकड़ा था।

दोनों कारोबारी साहूकारा में सराफा शोरूम चलाते थे और पार्टनर बताए गए थे। डीआरआइ के मुताबिक, उनके पास सोने की करीब एक-एक किलो वजन वाली 10 ब्रेड थीं। पूछताछ के दौरान दोनों सोने से संबंधित जरूरी कागजात नहीं दिखा सके, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। उनके चालक और नौकर से भी पूछताछ की गई थी।

कारोबारियों में एक महाराष्ट्र से आकर बरेली में कारोबार करने लगा था, जबकि दूसरा स्थानीय बताया गया। जांच के दौरान चर्चा हुई कि दोनों लंबे समय से चोरी-छिपे करोड़ों रुपये का सोना बरेली में खपा रहे थे।

यह भी सामने आया कि सोने की कुछ ब्रेड आभूषण बनाने में इस्तेमाल होती थीं, जबकि कुछ इसी रूप में बेची जाती थीं। इससे शहर के अन्य सराफा कारोबारियों तक जांच पहुंचने की आशंका जताई गई थी। इस कार्रवाई के बाद बरेली के सराफा बाजार में हलचल मच गई थी। दोनों कारोबारियों की संपत्ति और कथित कर चोरी को लेकर भी सवाल उठे थे।

तमिलनाडु बैंक डकैती के बाद बरेली में हुई थी छापेमारी

करीब 11 साल पहले 11 मार्च 2015 को एक प्रमुख दैनिक में छपी खबर के अनुसार तमिलनाडु के बैंक आफ बड़ौदा में हुई 48 किलो सोने की डकैती के मामले में तमिलनाडु स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बरेली के आलमगीरीगंज सराफा बाजार स्थित सराफा कारोबारी की दुकान पर छापेमारी की थी।

एसटीएफ के अनुसार, डकैती में लूटा गया सोना बरेली लाकर गलाया गया था। टीम ने दुकान मालिक मराठा और एक अन्य व्यापारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। दोनों से पुलिस लाइंस स्थित एसटीएफ सेल में करीब छह घंटे पूछताछ हुई। देर रात दोनों कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिए गए।

खबर के अनुसार इस मामले में तमिलनाडु पुलिस पहले भी करीब एक महीने तक बरेली और बदायूं में डेरा डाल चुकी थी। जांच में बदायूं के ककराला गिरोह का नाम सामने आया था।

लूट का सोना बरेली में छिपाए जाने की जानकारी पर पीलीभीत बाइपास स्थित एक मकान में शिक्षक से पूछताछ और खाली प्लाट में खोदाई भी कराई गई थी, लेकिन सोना बरामद नहीं हुआ। बाद में गिरोह के दिल्ली में पकड़े जाने के बाद जांच फिर बरेली पहुंची। यहां से अबरार नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।

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