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    UP का नया 'गेम चेंजर': 700 KM लंबा गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे बदलेगा इन गांवों की किस्मत, जानें कहाँ बनेगा आपका एंट्री पॉइंट

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 06:45 AM (IST)

    700 किमी लंबा गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की 'थ्री-ए' प्रक्रिया शुरू हो ग ...और पढ़ें

    पीलीभीत हाईवे

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    HighLights

    1. गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए शुरू होगी थ्री-ए की प्रक्रिया

    2. थ्री-डी घोषित होने के बाद साफ होगी तस्वीर,किसानों को मिलेगा चारगुणा मुआवजा

    कमलेश शर्मा, जागरण, बरेली। सड़क मार्ग से आवागमन सुगम बनाने के लिए सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। जिले से होकर दो नेशनल हाईवे तो गुजर रहे हैं, लेकिन कोई एक्सप्रेस-वे नहीं मिल सका है। सरकार ने गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे की सौगात दे दी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश को सड़क मार्ग से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने के लिए 700 किमी का एक्सप्रेस-वे मंडल के तीन जिलों को जोड़ने के साथ बरेली जिले की तीन तहसील क्षेत्रों से होकर निकाला जा रहा है।

    जमीन का अधिग्रहण कराने के लिए काला (कंपिटेंट एथारिटी फार लैंड एक्यूजिशन) चयन कर लिया गया है। बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत में इसकी जिम्मेदारी एडीएम को दी गई है, जबकि लखीमपुर में यह कार्य एसडीएम को सौंपा गया है। लखनऊ और दिल्ली के मध्य में होने से कारोबार की दृष्टि से महत्वपूर्ण नाथ नगरी का उत्तराखंड से भी सीधा जुड़ाव है।

    उत्तराखंड तक सीधा जुड़ाव बढ़ाने के लिए बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे का निर्माण कराया जा रहा है। बरेली-सीतापुर हाईवे को फोरलेन कराया जा चुका है, अब इसे सिक्सलेन में परिवर्तित कराने की कवायद शुरू हो गई है। बरेली से मथुरा-आगरा तक सीधा जुड़ाव के लिए बरेली-मथुरा हाईवे को सिक्सलेन में परिवर्तित कराया जा रहा है।

    अब गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे पूरब से पश्चिम तक सड़क मार्ग से आवागमन को और आसान कर देगा। गोरखपुर से बस्ती, अयोध्या, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर से पीलीभीत में बीसलपुर, शाजहांपुर में पुवायां होते हुए बरेली के फरीदपुर, नवाबगंज, बहेड़ी तहसील क्षेत्र के गांवों से होते हुए रामपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ होते हुए शामली तक पहुंचेगा।

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    बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और लखीमपुर जिले में एनएचएआइ ने आरंभिक सर्वे कराकर कराकर काला का चयन करने के लिए जिला प्रशासन को सूची भेजी थी। एनएचएआइ के परियोजना प्रबंधक तकनीकी अश्वनी चौहान ने बताया कि चारों जिलों में काला का चयन कर लिया गया है। बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत में एडीएम को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि लखीमपुर खीरी में एसडीएम को दायित्व सौंपा गया है।

    अभी चयनित भूमि को थ्री-ए घोषित कर सालभर के लिए जमीन के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी जाएगी। हालांकि इस अवधि में थ्री-डी घोषित नहीं हुआ तो यह निष्प्रभावी हो जाएगा। थ्री-डी घोषित हो जाने के बाद चयनित भूमि की खरीद-फरोख्त पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएगी। एनएचएआइ के अधिकारियों का दावा है कि अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य आरंभ कराने का लक्ष्य है, तीन साल में यह बनकर तैयार हो जाएगा।

     

    गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में काला (कंपिटेंट एथारिटी फार लैंड एक्यूजिशन) चयन कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश की बड़ी परियोजना है, प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ाई जा रही है। चयनित भूमि के लिए थ्री-डी घोषित हो जाने के बाद भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही आरंभ हो सकेगी।

    - नवरत्न, परियोजना निदेशक एनएचएआइ


     

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