यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पहले मां माहिरा अख्तर शिक्षक बन गईं फिर बेटी शुमायला खान... पाकिस्तानी नागरिक के अभिलेख तलब, आज जांच करेगी कमेटी
Bareilly Crime News 10 अक्टूबर 2023 को एसडीएम सदर रामपुर की ओर से जांच रिपोर्ट भेजी गई जिसमें स्पष्ट तौर पर बताया कि शुमायला खान उर्फ फुरकाना एक पाक र ...और पढ़ें

HighLights
- बीएसए कार्यालय जाकर भी जांच कर सकती है तीन सदस्यीय समिति
- नौकरी ज्वाइन करने से बर्खास्त होने तक प्रक्रिया खंगाली जाएगी
जागरण संवाददाता, बरेली। फतेहगंज पश्चिमी की ब्लाक में शिक्षक रहीं पाकिस्तानी नागरिक शुमायला खान के प्रकरण की जांच करने के लिए कमेटी की ओर से बीएसए कार्यालय से अभिलेखों को मांगा गया है। इसके बाद समिति मौके पर जाकर जांच करेगी, जिससे कि शुमायला के भर्ती होने से लेकर बर्खास्त किए जाने तक में लापरवाही को तलाशा जाएगा। पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी नागरिकों को देश से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू हुई तो शुमायला और उसकी मां का मामला भी सामने आया।
हैरानी की बात है कि पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है, लेकिन अब तक शुमायला को गिरफ्तार करना तो दूर उसका सुराग भी नहीं लगा पाई। वह भारत में है या पाकिस्तान चली गई, इस बारे में भी संशय बना हुआ है। अब रामपुर में उनके पड़ोसी भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। वहीं, खुफिया एजेंसी इस बात के भी कयास लगा रही हैं कि दोनों कहीं पाकिस्तान तो नहीं चली गईं।
डीएम ने दिए आदेश
डीएम अविनाश सिंह ने बीते दिनों तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर चार दिन में आख्या देने के निर्देश दिए थे। जांच कमेटी ने बीएसए कार्यालय से अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
यह है मामला
रामपुर के एक स्कूल से बर्खास्त प्रधान अध्यापिका माहिरा अख्तर पूर्व में पाकिस्तान गई थीं, जहां उनकी शादी हुई। वहीं उन्होंने बेटी शुमायला को जन्म दिया था। पति से विवाद होने पर वे भारत लौट आई थीं। यहां आने पर उसने दूसरी शादी भी की, लेकिन पति से नहीं निभी। माहिरा अख्तर यहां शिक्षक बन गई। 31 मार्च 2020 को वह सेवानिवृत होने वाली थी। उससे तीन माह पहले उन्हें विभाग ने बर्खास्त कर दिया था। उस समय वह निलंबित चल रही थीं। उसकी तैनाती प्रधान अध्यापक के रूप में सैदनगर ब्लाक के ग्राम कुम्हरिया स्कूल में थी।
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बेटी शुमायला भी पढ़-लिखकर शिक्षिका बन गई
बेटी शुमायला भी पढ़-लिखकर शिक्षिका बन गई। वह सात अप्रैल 2015 में बरेली के फतेहगंज पश्चिमी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय माधौपुर में नियुक्त हुई। करीब 10 वर्षों तक कार्यरत रहीं। इस बीच विभाग को दोनों की पाकिस्तान से रिश्ते होने की शिकायतें मिलीं, जिनकी जांच में मां-बेटी दोनों बर्खास्त हो गईं। बताते हैं कि उसने रामपुर जिले का मूल निवास प्रमाण पत्र लगाकर भारत की नागरिकता लेने में फर्जीवाड़ा की।