मुहरें असली, डिग्री जाली! बरेली में रसूखदारों ने घर बैठे बना दी 'मेडिकल ऑफिसर', एक शिकायत ने खोल दी पूरी पोल
बरेली के भोजीपुरा में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। एक युवक ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय को शिकायत कर बताया कि राजनीतिक रूप से प्रभाव ...और पढ़ें

रुहेलखंड विश्वविद्यालय
जागरण संवाददाता, बरेली। भोजीपुरा थाना क्षेत्र के धौराटांडा में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह की सक्रियता का मामला सामने आया है। स्थानीय युवक ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि क्षेत्र के तीन राजनीतिक रूप से प्रभावशाली युवक जाली मुहरों के जरिए फर्जी मार्कशीट और अनुभव प्रमाणपत्र बनाने का कारोबार कर रहे हैं।
इसके सहारे उन्होंने क्षेत्र की एक युवती की नौकरी अल फलाह स्कूल आफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर में भी लगवाई है। शिकायती पत्र में प्रेमपाल ने विस्तार से बताया है कि इन युवकों ने गिरोह बनाकर एक युवती की फर्जी मास्टर आफ सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू) की मार्कशीट तैयार की।
इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर सात फरवरी 2024 को छात्रा की नियुक्ति फरीदाबाद स्थित 'अल फलाह स्कूल आफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर' में करा दी गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि आरोपियों के पास विभिन्न संस्थानों की फर्जी मुहरें मौजूद हैं, जिनका उपयोग वे अवैध तरीके से प्रमाणपत्र बनाने में करते हैं।
राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल
प्रेमपाल ने आरोप लगाया है कि आरोपित युवकों का गहरा राजनीतिक प्रभाव है, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। यह गिरोह न केवल विश्वविद्यालय की साख को बट्टा लगा रहा है, बल्कि जाली अनुभव प्रमाणपत्रों के जरिए अयोग्य लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करवा रहा है।
खबरें और भी
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि छात्रा द्वारा नौकरी के लिए जमा किए गए दस्तावेजों में एनरोलमेंट और रोल नंबर की गहनता से जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विश्वविद्यालय अपने रिकार्ड से इन मार्कशीट का मिलान करता है, तो बड़े फर्जीवाड़े की पुष्टि होने की आशंका है। 13 जनवरी को दी गई इस शिकायत के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षा विभाग में खलबली मची है।
विवादों में घिरा है अल-फलाह कालेज
दिल्ली स्थित अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से अल फलाह स्कूल आफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर का संचालन फरीदाबाद में किया जाता है। यह विवि तब सुर्खियों में आया था, जब इस मेडिकल कालेज के एक सदस्य ने लाल किले के बाहर एक विस्फोटक से भरी कार में खुद को उड़ा लिया था। इसके बाद से इस संस्थान की गहनता से जांच की जा रही है।
विश्वविद्यालय की ओर से युवक की ओर से प्राप्त शिकायती पत्र के आधार पर मामले की जांच गहनता से की जाएगी।
- डा. अमित सिंह, मीडिया सेल प्रभारी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय