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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शेयर होल्डर की तरह कमाए जरी-जरदोजी कारीगर, दरवाजे पर खड़ी हो कार Bareilly News

By Abhishek PandeyEdited By:
Published: Mon, 20 Jan 2020 09:15 AM (IST)Updated: Mon, 20 Jan 2020 01:59 PM (IST)

अब जरी-जरदोजी के व्यवसाय से जुड़े कारीगर पब्लिक कंपनी के शेयरहोल्डर की तरह मुनाफा कमाएंगे। दिल्ली से बरेली पहुंचे कपड़ा मंत्रालय के सचिव रवि कपूर ने रविवार को कहा...

शेयर होल्डर की तरह कमाए जरी-जरदोजी कारीगर, दरवाजे पर खड़ी हो कार Bareilly News
शेयर होल्डर की तरह कमाए जरी-जरदोजी कारीगर, दरवाजे पर खड़ी हो कार Bareilly News

जेएनएन, बरेली : अब जरी-जरदोजी के व्यवसाय से जुड़े कारीगर पब्लिक कंपनी के शेयरहोल्डर की तरह मुनाफा कमाएंगे। दिल्ली से बरेली पहुंचे कपड़ा मंत्रलय के सचिव रवि कपूर रविवार को जरदोजी व्यवसाय के बेहतर भविष्य का ब्लू प्रिंट तैयार कर गए। सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक के दौरान डीएम नितीश कुमार और सीडीओ सत्येंद्र कुमार के साथ डेढ़ लाख कारीगरों को पब्लिक कंपनी से जोड़ने पर रजामंदी भी हुई।

कपड़ा मंत्रलय के सचिव ने दैनिक जागरण को बताया कि केंद्र सरकार पूरे देश में हस्तकला उद्योग को विकसित करने के लिए सौ कंपनी खोलना चाहती है। बरेली के डीएम और सीडीओ से पांच कंपनी के लिए कहा गया था, लेकिन वह पूरी तरह से जरदोजी के व्यवसाय पर केंद्रित होकर योजना तैयार कर रहे हैं। डीएम नितीश कुमार ने उन्हें बताया कि करीब एक लाख बीस हजार आर्टिजन का सर्वे पूरा किया जा चुका है। लक्ष्य डेढ़ लाख आर्टिजन को जोड़ने का है।

बिचौलिये लाखों कमा रहे, अब कारीगरों की बारी : सचिव के मुताबिक, जरदोजी के कारखानों को देखने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि बिचौलिये लाखों कमा रहे हैं। जरी का अच्छा कपड़ा कौड़ियों के भाव खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं, जरी कारीगर के दरवाजे पर कार खड़ी हो न कि बिचौलिए के घर के सामने।

फरीदपुर, मथुरापुर के कारीगरों से की वार्ता : समीक्षा बैठक करने के बाद वह हैंडीक्राफ्ट डिपार्टमेंट के सीनियर असिस्टेंट डायरेक्टर इलियास खान के साथ फरीदपुर के जरदोजी कारखाने पहुंचे। यहां कारीगरों को प्रशिक्षण और ऋण मुहैया करवाने का आश्वासन दिया। मथुरापुर (सीबीगंज) में जरदोजी के कारीगरों से मुलाकात की। अर्बन हाट की व्यवस्थाएं देखने के लिए भी सचिव पहुंचे।

कम पारिश्रमिक देख हैरान हुए सचिव : केंद्र सरकार की एक जनपद, एक उत्पाद योजना के जरी के काम से जुड़े कारीगर, जरी कारखाना चलाने वालों को लोन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। सचिव ने फरीदपुर के मो. शाहरुख से दैनिक कमाई के 200 रुपये पर हैरानी जताई। बाकी कारीगरों के भी यही हाल थे। फरीदपुर में जल्द ही दो जरी प्रोडक्शन कंपनियां खोली जाएंगी।