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खेतों में आग लगाने वालों पर सैटेलाइट से नजर, बस्ती में जिला स्तर तक की निगरानी कमेटियां गठित

Published: Fri, 06 Nov 2026 03:33 PM (IST)

बस्ती में अब फसल अवशेष (पराली) जलाने वाले किसानों पर 2,500 से 30,000 रुपये तक का भारी अर्थदंड लगाया जाएगा। ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. पराली जलाने पर 2,500 से 30,000 रुपये तक जुर्माना.

  2. सैटेलाइट और निगरानी कमेटियों से खेतों पर कड़ी नजर.

  3. बार-बार उल्लंघन पर सरकारी योजनाओं से वंचित किया जाएगा.

जागरण संवाददाता, बस्ती। फसल अवशेष (पराली) जलाने वाले किसानों पर अब भारी अर्थदंड लगाया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खेतों में पराली जलाते पाए जाने पर संबंधित किसान से 2,500 से लेकर 30,000 रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा। पराली प्रबंधन को धरातल पर उतारने और नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक विशेष निगरानी कमेटियों का गठन कर दिया गया है।

उप कृषि निदेशक अशोक कुमार ने बताया कि जारी नई दरों के अनुसार जुर्माना राशि खेत के क्षेत्रफल के आधार पर तय की जाएगी। दाे एकड़ से कम पर 25 सौ, दो से पांच कड़ तक पांच हजार और पांच एकड़ से अधिक की जमीन पर 15 से लेकर 30 हजार जुर्माना वसूल किया जाएगा। बार-बार नियम का उल्लंघन करने वाले किसानों पर राजस्व वसूली के साथ-साथ कृषि विभाग की सरकारी योजनाओं और सब्सिडी से वंचित करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

बताया कि पराली जलाने से न केवल वायु गुणवत्ता खराब होती है, बल्कि मिट्टी के मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं और जमीन की उर्वरक क्षमता घटती है। किसान भाई आधुनिक यंत्रों का उपयोग करें और दंडात्मक कार्रवाई से बचें।

सैटेलाइट से लेकर धरातल तक नजर
पराली की घटनाओं पर बहुस्तरीय निगरानी तंत्र तैयार किया गया है। इसरो और रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के जरिए खेतों में आगजनी की हर घटना की रियल-टाइम लोकेशन ट्रेस की जाएगी।बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम या कंबाइन सुपर स्ट्रा अटैचमेंट के फसल कटाई करने वाली कंबाइन हार्वेस्टर मशीनों को सीज करने के निर्देश दिए गए हैं। बिना एसएमएस किट के चलती पाई गई मशीनों के मालिकों पर भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

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