यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bijli Bill: सात करोड़ 32 लाख का बिजली बिल देख उपभोक्ता के उड़ गए होश, अधिकारियों को भी हुई इस बात से हैरानी
बस्ती में बिजली विभाग की बड़ी चूक सामने आई है जहां एक घरेलू उपभोक्ता को सात करोड़ 32 लाख रुपये का बिल भेज दिया गया था। उपभोक्ता के परिवार को बिल देखकर ...और पढ़ें

HighLights
- मामला सुर्खियों में आने के बाद बिल में किया संशोधन
- गलती करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर को दी गई चेतावनी
जागरण संवाददाता, बस्ती। बिजली विभाग के कारनामे भी अजीबोगरीब हैं। सामान्य घरेलू कनेक्शन पर उपभोक्ता को सात करोड़ 32 लाख का बिल भेज दिया है। बिल मिलते ही उपभोक्ता के होश उड़ गए। उपभोक्ता का परिवार बिल की समस्या से मानसिक उलझन में रहा। विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को फर्जी बिल को संशोधित करा दिया है।
यह है पूरा मामला
हर्रैया विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के केशवपुर फीडर के रमया गांव में उपभोक्ता मोलहू के घर पहुंचे विद्युत कर्मी ने सात करोड़ 32 लाख एक हजार एक सौ उन्नीस रुपये बिल की जानकारी देते हुए जमा करने को कहा। इतना अधिक बिल सुनते ही मोलहू के होश उड़ गए।
मोलहू ने बताया कि एक किलोवाट का कनेक्शन है। इतना बिल कैसे आ गया, जबकि वह बराबर बिल भी जमा करता रहा है। किसी तरह खेती किसानी करके परिवार का जीवन यापन करता है।
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बताया कि बिल ठीक करवाने के लिए विद्युत उपकेंद्र हर्रैया गया, लेकिन कोई अधिकारी नहीं मिला। इस संबंध में विद्युत वितरण खंड हर्रैया के अधिशासी अभियंता अजय मौर्या ने बताया कि सिस्टम की गड़बड़ी के चलते बिल जारी हो गया।
सात करोड़ 32 लाख के बिल में संशोधन
उपभोक्ता के नाम से आए सात करोड़ 32 लाख फर्जी बिल को विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को संशोधित करा दिया है, जिसके स्तर से यह बड़ी चूक हुई थी, वह भी कार्रवाई के जद में है।
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बिल जनरेट करने वाले को चेतावनी भी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की गलती न होने पाए। हर्रैया एसडीओ ने घरेलू उपभोक्ता का मूल बिल 27274 रुपये कर बिल जमा करने के प्रेरित किया है।
मंगलवार को खबर सुर्खियों में आने के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बिल को संशोधित कर मूल बिल बना दिया है। इस संबंध में हर्रैया एसडीओ अजय प्रताप यादव ने बताया कि उपभोक्ता मोलहू का सात करोड़ 32 लाख बिल सिस्टम की गड़बड़ी से जारी हो गया था, लेकिन बिल को सही कर मूल बिल 27274 रुपये कर दिया गया है। जिस कंप्यूटर ऑपरेटर की गलती है, उसे भी चेतावनी दी गई है।