Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    महादेवा विधायक दूधराम का रिपोर्ट कार्ड: 150 से अधिक काम पूरे, खेलकूद और फायर स्टेशन जैसी सुविधाओं का इंतजार

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 10:59 PM (IST)

    बस्ती की महादेवा विधानसभा में विधायक दूधराम ने 150 से अधिक विकास कार्य पूरे कराए हैं, जिनमें इंटरलॉकिंग और आरसीसी सड़कें प्रमुख हैं। हालांकि, क्षेत्र ...और पढ़ें

    दूधराम, महादेवा विधायक।

    दूधराम, महादेवा विधायक।

    HighLights

    1. विधायक दूधराम ने 150 से अधिक विकास कार्य पूरे किए।

    2. मनोरमा नदी पर 18 करोड़ का तिघरा पुल स्वीकृत हुआ।

    3. खेलकूद, फायर स्टेशन, कुदरहा तहसील का इंतजार जारी।

    जागरण संवाददाता, बस्ती। विधायक जी वैसे तो क्षेत्र में अपनों के बीच काफी लोकप्रिय हैं लेकिन बड़े विकास कार्यों की स्वीकृति न दिला पाने की मायूसी समर्थकों में भी है। सुरक्षित सीट महादेवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक दूधराम ने अपनी निधि से गांवों की गलियों में सर्वाधिक इंटरलॉकिंग और आरसीसी का कार्य कराया है। करीब डेढ़ सौ से अधिक कार्य पूरा हो चुके हैं, 50 कार्य निर्माणाधीन हैं। 20 से अधिक आंबेडकर पार्क बनवाएं हैं।

    बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मुलायम सिंह यादव के नाम पर प्रवेश द्वार भी बनवाया। स्कूलों को भी मदद दी। मुख्यमंत्री से मिलकर खास प्रयास से मनोरमा नदी के तिहरा घाट पर करीब 18 करोड़ की लागत का पुल का निर्माण शुरू कराया, इससे 10 गांव के लोगों को सीधे फायदा पहुंचेगा। लालगंज और कुदरहा सहित रामजानकी मार्ग को सीधे जुड़ जाएगा। यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने में पीछे नहीं रहे।

    विधायक ने माझा क्षेत्र में बच्चों के खेलकूद की व्यवस्था, बंधों को व्यवस्थित करने, हर ब्लाक व थाना स्तर पर फायर स्टेशन की स्थापना, कुदरहा ब्लाक को तहसील का दर्जा व द्वाबा क्षेत्र की जर्जर सड़कों के नवनिर्माण के मुद्दों को विधानसभा में कई बार उठाया लेकिन इन समस्याओं का समाधान नहीं हो सका।

    इसके अलावा क्षेत्र में नौ नए पुल बनवाने का प्रस्ताव भी भेजा, जिसमें सिर्फ तिघरा पुल को ही स्वीकृति मिली। यह क्षेत्र हिंदी साहित्य के महान आलोचक आचार्य रामचन्द्र शुक्ल, साहित्यकार लक्ष्मी नारायण लाल व कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की जन्मस्थली है, बावजूद यह स्थल उपेक्षित रह गई है। स्वतंत्रता संग्राम की प्रथम लड़ाई लड़ने वाले राजा उदय प्रताप सिंह व महुआडाबर के क्रांतिकारियों की याद में कुछ न करा पाने का जनता में मलाल है।

    खबरें और भी

    महादेवा विधानसभा में वोटर

    • कुल मतदाता - 333765
    • पुरुष मतदाता - 183895
    • महिला मतदाता -149870

    विधायक के प्रयास से बहादुरपुर ब्लाक क्षेत्र में डारीडीहा-पठानपुर, पठानपुर-दौलतचक और लौवड़ा-सरवनपुर मार्गों पर डामरीकरण का कार्य चल रहा है, जबकि बनकटी ब्लाक क्षेत्र में ककरौली-खिरिहवा पुलिया, रेहरवा-अमरडोभा-गुमानारी, सिरौता-पुरवा शिवमंदिर तथा दिया-पठानपुर मार्गों के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं।

    नूरचक-मटेरा, देईसाड़-डीहीखास, गोपालपुर-भवानीपुर चौराहा, महसो-सूसीपार श्मशान घाट मार्ग और सूसीपार श्मशान घाट के निर्माण कार्य भी संचालित हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी मदरसा जिभियांव, पकराडाड़ इंटर कालेज, डिग्री कालेज तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ककरौली सहित कई स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए निधि का प्रयोग किया है।

    महादेवा से दो बार विधायक हूं। जो कार्य 20 वर्ष में नहीं हुए थे, वह कार्य मैंने साढ़े चार वर्ष में करके दिखाया हूं। मुख्यमंत्री से मिलकर सड़क निर्माण के लिए करीब नौ करोड़ रुपये स्वीकृत कराया हूं। विद्युत उपकेंद्र कुसौरा में 2.08 करोड़ रुपये की लागत से कुदरहा फीडर का निर्माण कराया हूं, जिससे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिली है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद लोगों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से करीब पांच करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दिलाई है। 84 सड़कें विभिन्न चरणों में प्रस्तावित हैं। उद्देश्य क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाना है। हम जनप्रतिनिधि सबके लिए हैं। कोई निराश होकर नहीं जाता है। अपने क्षेत्र से बाहरी लोगों की मदद के लिए भी पत्र लिखवाता रहता हूं। कार्यदायी संस्था और विभागीय अधिकारी ठीक से कार्य करें तो कभी किसी को समस्या नहीं आएगी, लेकिन गुणवत्ता परक कार्य नहीं हो पा रहे हैं। कुदरहा को तहसील का दर्जा दिलाने तक चैन से नहीं बैठूंगा। -दूधराम, विधायक।

     

    जब विधायक बस्ती और महादेवा में रहते हैं तो कहते हैं हम विपक्ष के हैं। हमारी सुनी नहीं जा रही है। जब वह लखनऊ में रहते हैं तो कहते हैं सत्ता पक्ष के विधायक हैं। एक व्यक्ति के दो स्वरूप में नहीं हो सकते। उन्होंने लोहे का गेट लगवाया था, जो आंधी में उड़ गए। सेल्हराघाट से ठोकवा, रामपुर मिश्र से देवाडीहा, कछुआर-गोनारघाट, बैजीपुरवा-रामनगर व कचूरे घाट तक हमने पांच पुल दिए। देईसाड़ से बानपुर व कुदरहा से मुंडरेवा सड़क का उच्चीकरण व चौड़ीकरण का कार्य कराया था। दो नई सड़क गायघाट से कुसम्हा भट्टा और बानपुर से लालगंज तक बंधे की सड़क का चौड़ीकरण व उच्चीकरण का कार्य हमारे प्रयास से स्वीकृत होने वाला है। -रवि सोनकर, रनरअप 2022।


    विधायक क्षेत्र में उपलब्ध रहते हैं। लोगों से मिलते हैं, लेकिन शिक्षा और खेलकूद के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं देती। क्षेत्र में अब तक स्टेडियम निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। अधिकांश कार्य स्मृति द्वार और सड़क निर्माण तक ही सीमित नजर आते हैं, जबकि विधानसभा क्षेत्र आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। -प्रदीप कुमार, अधिवक्ता, चकिया।

     

    बस्ती-महुली मार्ग से होकर अक्सर विधायक का आना-जाना होता है। सवा चार वर्ष बीत गए, लेकिन इस मार्ग के जलभराव की समस्या दूर नहीं हुई। क्षेत्र में उद्योगों को भी बढ़ावा पर कोई पहल नहीं की गई, जिससे लोगों को रोजी रोजगार के अवसर मिल सके। अभी और विकास की जरूरत है। -अरविंद उपाध्याय, व्यवसायी, ओरई।


    विधायक लगातार सक्रिय रहते हैं और नियमित रूप से गांवों का भ्रमण कर लोगों की समस्याएं सुनते हैं। आम लोगों से सहजता के साथ मिलते हैं तथा सुख-दुख के हर अवसर पर उपस्थित रहते हैं। उनके प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र में खड़ंजा, इंटरलाकिंग, सीसी सड़क सहित कई विकास कार्य कराए गए हैं। -गुलाम मोहम्मद, व्यापारी, गायघाट।

     

    निरंजनपुर में विधायक का दौरा बहुत कम देखने को मिलता है। मुख्य रूप से कब्रिस्तान की चहारदीवारी निर्माण तक ही सीमित दिखाई देता है। धार्मिक स्थलों के विकास और उनसे जुड़े कार्यों में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई देती, जिससे क्षेत्र के लोगों में निराशा है। -कपिंद्र सिंह, किसान, निरंजनपुर।

    यह भी पढ़ें- देवरिया सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के क्षेत्र में दौड़ रहा विकास, अभी भी बस स्टेशन-जिला अस्पताल की आस बरकरार