बस्ती में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा, गांवों में कटान-बाढ़ का खतरा, चेतावनी बिंदु से 50 सेमी नीचे बह रही नदी
सरयू नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच रहा है, जिससे बस्ती के विक्रमजोत क्षेत्र के गांवों में कटान और बाढ़ का भय बढ़ गया है। ...और पढ़ें

HighLights
सरयू नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा।
विक्रमजोत के गांवों में कटान और बाढ़ का भय।
कटान रोधी कार्यों की कमी से ग्रामीण चिंतित।
जागरण संवाददाता, बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की बाढ़ चेतावनी के अनुसार, सोमवार को नदी का जलस्तर 91.23 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 91.73 मीटर से 50 सेमी नीचे है।
जलस्तर में वृद्धि के चलते सरयू किनारे बसे गांवों की आबादी में कटान और बाढ़ का भय उत्पन्न हो गया है। पिछले वर्ष विक्रमजोत विकास क्षेत्र के लखना, पकड़ी संग्राम, खेमराजपुर, कन्हईपुर, छतौना मांझा और संदलपुर गांव बाढ़ के खतरे में रहे थे।
संदलपुर और कन्हईपुर के निकट बाढ़ खंड द्वारा कटान रोकने के लिए डैम्पनर ठोकर जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन खेमराजपुर और पकड़ी संग्राम सहित अन्य गांवों में स्थायी कटान रोधी कार्य न होने के कारण पिछले वर्ष हुई भीषण कटान का डर अब भी लोगों को सता रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष की कटान में उनकी जमीने, रिहायसीझोपड़ियां और अंत्येष्टि स्थल का भवन नदी में समा गया। बाढ़ के समय के बाद गांव में कोई कटान रोधी कार्य नहीं किया गया है और प्रशासन की ओर से भी कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
गांव के झिनकाई, दुर्गा प्रसाद और अन्य लोगों ने बताया कि कटान रोधी कार्य के लिए पिछले वर्ष कार्य योजना भेजे जाने की बात कही गई थी, लेकिन धरातल पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है।
इस संबंध में जेई अतुल कुमार ने बताया कि पकड़ी संग्राम गांव के लिए प्रोजेक्ट भेजा गया था, जो विभाग से स्वीकृत होकर शासन स्तर पर धन के लिए प्रेषित किया गया, लेकिन बजट के कारण योजना स्टेयरिंग से बाहर हो गई। मामले में पुनः प्रयास किया जाएगा।
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जेई गौरव सिंह ने कहा कि वर्तमान में नदी का जलस्तर काफी कम है और स्थिति सामान्य है। कटरिया चांदपुर तटबंध पर कटरिया गांव के निकट बने ठोकर पर दबाव बढ़ गया है। खलवा गांव के निकट तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए स्परों और ठोकरों पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है।
अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड दिनेश कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है, लेकिन तटबंध पर कोई खतरा नहीं है।