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    SIR in UP: एसआईआर प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जिम्मेदार अधिकारी सख्त, मैपिंग प्रक्रिया हुई तेज

    Updated: Wed, 03 Dec 2025 06:38 PM (IST)

    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में तेजी लाने के लिए बुधवार को कुदरहा ब्लॉक के नये 22 शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है। इसके पहले 24 नवंबर ...और पढ़ें

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    संवाद,सूत्र, गायघाट (बस्ती)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में तेजी लाने के लिए बुधवार को कुदरहा ब्लॉक के नये 22 शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है। इसके पहले 24 नवंबर को 54 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। अब ब्लॉक के कुल 76 शिक्षकों की ड्यूटी दो पाली में लगाया गया है, जिससे बीएलओ को मैपिंग करने में सहायता मिल सके। इसके बाद मैपिंग प्रक्रिया तेजी पकड़ पा रही है।

    उधर, शिक्षकों की ड्यूटी लग जाने से विद्यालय में पढ़ाई व्यवस्था भी चौपट हो रही है। महादेवा विधानसभा क्षेत्र में एसआइआर को लेकर काम तेजी से चल रहा है। विधानसभा के कुल 442 बूथों पर 442 बीएलओ( बूथ लेवल ऑफिसर) लगाए गए हैं। जो गणना प्रपत्र को भराकर उसकी मैपिंग कर रहे हैं। इनके सहयोग में 45 लेखपाल, सफाई कर्मी, शिक्षक लगाए गए हैं। गणना प्रपत्र में पूरा विवरण नहीं होने के कारण प्रक्रिया में तेजी नहीं आ पा रही है।

    चार दिन से अनमैपिंग फॉर्म को अलग किया जा रहा है। तथा उनका विवरण पूर्ण कर उन्हें डिजिटलाइल्ड किया जा रहा है। ऐसे स्थिति में तमाम ऐसे मतदाता हैं जिनका पूरा विवरण नहीं मिल पा रहा है। उनका मैपिंग भी नहीं हो पा रहा है। जिसकी वजह से उन्हें तीसरे विकल्प में डाल दिया जा रहा है। कुदरहा के खंड शिक्षा अधिकारी सीपी गौड़ ने भले ही अध्यापकों की ड्यूटी लगाई है लेकिन वह समय से पहले चले जा रहे हैं जिसकी वजह से अब अध्यापकों की ड्यूटी दो शिफ्ट में लगाई गई है।

    गुरुवार को बीएलओ के सहयोग में लगाए गए सभी शिक्षक दो पाली में ड्यूटी करेंगे। जिस प्रक्रिया में तेजी लाया जा सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिन मतदाताओं का पूरा विवरण नहीं भरा गया है। उन्हें तीसरे विकल्प में बीएलओ मजबूरी में डाल रहे है। इसके बाद निर्वाचन आयोग की ओर से उन्हें नोटिस दी जाएगी।

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    नोटिस मिलने पर 2003 की निर्वाचक नामावली से संबंधित विवरण उन्हें उपलब्ध कराना होगा। अधिकारी संतुष्ट होने पर उनका नाम अंतिम रूप से सूची में सम्मिलित करने के लिए आगे बढ़ा देंगे। नोटिस मिलने के बाद भी वांछित डाटा उपलब्ध न कराया गया तो अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची में नाम नहीं शामिल हो पाएगा।

    तीन बार आयोग की ओर से मतदाता के पास नोटिस जाएगी। निर्वाचन रजिस्ट्रीकर्ता अधिकारी उमाकांत तिवारी ने बताया कि एसआइआर प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अन्य विभागों के कर्मियों की भी मदद ली जा रही है। जिससे मतदाताओं को डिजिटइलाल्ड किया जा सके।