यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भदोही में चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा गंगा का पानी, 45 गांवों पर मंडराया खतरा
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान पहुंच रहा है। जिला प्रशासन ने राजस्व पशुप ...और पढ़ें

HighLights
- दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी, डूब गई सब्जी व दलहनी फसल
- राजस्व, पशुपालन, स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे अलर्ट पर रहने का निर्देश
जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही)। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश व नदियों का पानी आने से गंगा का जल स्तर बढ़ गया है। पिछले चार दिन से गंगा तेजी से बढ़ी हैं। हालांकि सोमवार को बढ़ाव की रफ्तार कुछ धीमी रही और यह दो सेंटीमीटर प्रति घंटा रहा।
जल स्तर लगातार बढ़ने के कारण तटवर्ती गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी पहुंचने से फसल को नुकसान पहुंचने लगा है। कोई बड़ा नुकसान न हो इससे जिला प्रशासन ने राजस्व, पशुपालन, स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर 24 घंटे निगरानी का निर्देश दिया है।
सोमवार को को गंगा का जलस्तर 78.90 मीटर दर्ज किया गया। जबकि चेतावनी बिंदु 80.20 मीटर व खतरे का निशान 81.20 मीटर है।
तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा
डीघ व औराई ब्लॉक के 45 गांव गंगा नदी किनारे बसे हैं। इनमें सीतामढ़ी क्षेत्र के गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा अधिक रहता है। गंगा की धाराओं से तीन तरफ से घिरा कोनिया क्षेत्र डीघ, इटहरा, कलिक, मवैया, छेछुआ, भुर्रा, गजाधरपुर, तुलसीकला, धनतुलसी, भभौरी, बहपुरा, कूडी आदि गांवों के खेतों में पानी पहुंच गया और तीन-तीन फीट पानी लगा है। इससे सब्जी व दलहनी फसलें खराब हो गई हैं।
स्थानीय लोगों कहना है कि यदि इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो रात में चेतावनी बिंदु तक पानी पहुंच जाएगा। उधर छेछुआ आदि गांवों में कटान शुरू हो गया है
महराजगंज संवाद सूत्र के अनुसार गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर की वजह से बाजार से नेवढ़िया घाट होकर मीरजापुर जनपद को जोड़ने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी भर गया। गंगा बाढ़ के पानी में सड़क डूबने की वजह से आवागमन ठप हो गया। इससे माधोसिंह, भोगांव सहित दस गांवों के लोगों का मीरजापुर जाने को आवागमन ठप हो गया। घाट के पास से महाराजगंज बाजार को आने वाले मार्ग के पास के गांव के लोगों को जलजमाव के चलते आवागमन में दिक्कत हो रही है।
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डेहरिया घाट से पचेवरा मार्ग पर भी पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है। सड़कों पर चार फीट पानी लग जाने से आवागमन खतरे से खाली नहीं है।
जिलाधिकारी विशाल सिंह ने बताया-
गंगा के जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट है। लेखपाल, स्वास्थ्य, पशुपालन विभाग को चौबीस घंटे अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। पानी ज्यादा बढ़ा तो लोगों को वहां से विस्थापित कर सुरक्षित स्थान पर लाया जाएगा। पर अभी ऐसी स्थिति नहीं बन रही है।
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