बिजनौर में रिश्वत लेते पकड़ी गई महिला चिकित्सक निलंबित, जांच समिति गठित
बिजनौर में आयरन इंजेक्शन लगाने के नाम पर 200 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एक संविदा महिला चिकित्सक को निलंबित कर दिया गया है। ...और पढ़ें

HighLights
आयरन इंजेक्शन के लिए 200 रुपये रिश्वत का आरोप।
संविदा महिला चिकित्सक डॉ. मीनाक्षी रस्तोगी निलंबित हुईं।
सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई, रिपोर्ट तलब।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने सीएचसी में आयरन का इंजेक्शन लगाने के नाम पर रुपए मांगने की आरोपित संविदा पर कार्यरत महिला चिकित्सक को निलंबित कर उन्हें सीएमओ कार्यालय में सम्बद्ध किया है। वहीं इस प्रकरण की जांच हेतु तीन सदस्यीय कमेटी का गठित कर सात दिन में रिपोर्ट तलब की है।
शुक्रवार को इंटरनेट पर प्रसारित वीडियो में सीएचसी पर तैनात महिला चिकित्सक आयुष संविदा डॉ. मीनाक्षी रस्तोगी पर आयरन का इंजेक्शन लगाने के नाम पर 200 रुपए रिश्वत लेना का आरोप लगाया गया था।
शिकायत पर जब चिकित्सा अधीक्षक ने महिला चिकित्सक का पस दिखाने के लिए कहा तो महिला चिकित्सक ने अपने पर्स से 200 रुपये का नोट निकालकर वापस किया। समाजसेवी परवेज पाशी ने इस नोट की फोटो प्रति कराकर पहले ही अपने पास रख ली थी।
चिकित्सा अधीक्षक ने मामले की जांच करने की बात कहते हुए सीएमओ को सूचित कर दिया था। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने चिकित्सा अधीक्षक व प्रसारित वीडियो का संज्ञान लेते हुए महिला चिकित्सक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए सीएमओ कार्यालय में सम्बद्ध किया है।
सीएमओ ने प्रकरण की जांच हेतु नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह‚ जिला कार्यक्रम प्रबंधक फारूक अजीज व उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नरेन्द्र कौर को शामिल करते हुए तीन सदस्यीय कमेटी का गठित की और कमेटी से सात दिन में रिपोर्ट तलब की है।