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मालन और गंगा उफान पर... बिजनौर के छह गांवों में जा घुसा बाढ़ का पानी, आवागमन बंद

By Birendra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 06 Sep 2026 03:56 PM (IST)

पहाड़ों पर लगातार बारिश से बिजनौर में गंगा और मालन नदियां उफान पर हैं, जिससे छह गांवों में बाढ़ का ...और पढ़ें

जलीलपुर में गांवों में भरा गंगा का पानी। जागरण

जलीलपुर में गांवों में भरा गंगा का पानी। जागरण

HighLights

  1. बिजनौर में गंगा और मालन नदियां उफान पर।

  2. छह गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से आवागमन बाधित।

  3. हजारों बीघा कृषि भूमि और घरों में पानी भरा।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। पहाड़ों पर लगातार हो रही बरसात से गंगा और मालन उफान पर हैं। गंगा का पानी छह गांवों में घुस गया है। बाढ़ का सामने कर रहे इन गांव वालों के लिए लगातार हो रही बरसात और मुसीबत बनकर आई है। वहीं, मालन के रपटे पर भी पानी दो फीट तक बह रहा है। यहां गांव वालों का पैदल या वाहनों पर आना-जाना लगातार दूसरे दिन भी बंद है। गांव वालों को नाव से ही रपटा पार कराया जाएगा।

शनिवार को मालन का पानी रावली-शहजादपुर में बने रपटे पर एक-डेढ़ फीट तक आ गया था। रविवार को रपटे पर पानी और बढ़ गया है। रपटा पार कराने के लिए नाव चलाई जा रही है। सिंचाई विभाग की टीम ने मालन के तटबंध पर डेरा डाल दिया है। वहीं गंगा में भी उफान जारी है। गंगा का पानी शनिवार को रायपुर और सीकरी गांव में आ गया था। रात को पानी दत्तियाना, नारनौर, खद्दन, सियाली गांव में भी आ गया। इन गांवों की सड़कों पर गंगा का पानी बह रहा है। कई घरों में भी गंगा का पानी भरा है।

गांव वाले गंगा के पानी में ही आ जा रहे हैं। यहां हजारों बीघा भूमि में शनिवार से ही गंगा का पानी आ गया था। खादर में कई किलोमीटर तक गंगा का पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। शनिवार को गंगा में 1.12 लाख क्यूसेक पानी बह रहा था जो रविवार सुबह को 1.25 लाख क्यूसेक हो गया। भीमगौड़ा बैराज हरिद्वार से गंगा में 1.21 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि ये पानी ज्यादा नहीं है लेकिन गंगा में मालन और सोलानी नदी भी आकर मिल रही हैं।

पहाड़ों पर बरसात अभी भी हो रही है और वहां का पानी गंगा, मालन आदि नदियों के जरिए जिले में ही आ रहा है। जिले में भी सुबह से बरसात हो रही है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पंकज कुमार जैन के अनुसार मालन और गंगा की धारा पर नजर रखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने से अभी किसी स्थान पर कटान नहीं हो रहा है।