बिजनौर: पिंजरे में कैद हुआ गुलदार का शावक, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस; वन विभाग ने किया रेस्क्यू
बिजनौर के चांदपुर क्षेत्र के तालिबपुर गांव में आबादी के पास लगाए गए पिंजरे में एक गुलदार का शावक कैद हो गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, बिजनौर। चांदपुर क्षेत्र के गांव तालिबपुर में आबादी के नजदीक लगाए गए पिंजरे में गुलदार का शावक कैद हो गया। शावक के गुर्राने की आवाज से लोगों को इसका पता लगा। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम पिंजरे में बंद गुलदार को रेस्क्यू कर अपने साथ ले गई।
चांदपुर-धनौरा मार्ग स्थित बबनपुरा व उसके निकटवर्ती गावों में पिछले कई दिनों से गुलदार देखा जा रहा था। ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग द्वारा गांव के बाहर कब्रिस्तान के पास गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया था। गुलदार को लालच देने के लिए पिंजरे में दो मुर्गियों को भी रखा गया था।
मुर्गियों की महक गुलदार को पिंजरे तक खींच लाई और लालच में गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। रविवार की सुबह जब किसान खेत पर जाने के लिए कब्रिस्तान के ओर से गुजरे तो गुलदार के गुर्राने की आवाज सुनी। पास जाकर देखा तो पिंजरे में गुलदार कैद था।
इसका पता लगते ही ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर वन विभाग की टीम वहां पहुंची और गुलदार को पिंजरे सहित रेस्क्यू कर रेंज कार्यालय ले गई। गुलदार के पिंजरे में कैद होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
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वन क्षेत्राधिकारी दुष्यंत मावी ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार मादा है तथा उसकी उम्र लगभग आठ माह है। चिकित्सक द्वारा मेडिकल परीक्षण कराया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मानियावाला में पिंजरे में फंसी मादा गुलदार
भूतपुरी: गांव मानियावाला के नजदीक उत्तर दिशा में बनी पानी की टंकी के पास पिछले कई दिनों से गुलदार दिखाई देने की सूचना मिल रही थी। ग्रामीणों की सूचना पर सोमवार को वन विभाग की टीम ने नरेंद्र सिंह के खेत के पास दो पिंजरे लगाए थे। शनिवार रात के समय एक मादा गुलदार मुर्गी के शिकार के लालच में पिंजरे में फंस गई।
रविवार सुबह ग्रामीणों ने पिंजरा देखकर वन विभाग को सूचना दी, जिस पर टीम मौके पर पहुंची और गुलदार को रेस्क्यू किया। मादा गुलदार की उम्र करीब ढाई से तीन वर्ष है। सूचना मिलते ही वन दरोगा सुनील राजोरा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
वन विभाग की टीम गुलदार को लेकर पीली डेम चौकी ले गई, जहां उसका परीक्षण कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर गुलदार को सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा।